झुंझुनूं में उत्कृष्ट स्कूली शिक्षा के लिए राजस्थान सरकार ने पीरामल स्कूल ऑफ लीडरशिप के साथ की साझेदारी

जयपुर, राजस्थान, 9 दिसंबर, 2019ः राजस्थान सरकार और पीरामल स्कूल ऑफ लीडरशिप (पीएसएल) ने आगामी 5 साल की अवधि में स्कूल शिक्षा में उत्कृष्टता के लिहाज से झुंझुनूं जिले को एक इनोवेशन हब में बदलने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। राजस्थान के माननीय शिक्षा मंत्री (प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा) श्री गोविंदसिंह डोटासरा, श्रीमती मंजू राजपाल- सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग और भाषा, पुस्तकालय विभाग और पंचायती राज (प्रारंभिक शिक्षा) विभाग, श्री प्रदीप कुमार बोरड- राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद (आरएसएसपी) और स्कूल शिक्षा के आयुक्त और राजस्थान सरकार के विशिष्ट सचिव, श्री अभिषेक भगोटिया- राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा और अतिरिक्त आयुक्त, राजस्थान शिक्षा परिषद, परेश परासनिस, सीईओ पीरामल फाउंडेशन, और मनमोहन सिंह, डायरेक्टर, पीरामल स्कूल ऑफ लीडरशिप की मौजूदगी में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक (I &II), उपायुक्त (I to VII), और समग्र शिक्षा के सभी उप निदेशकों और सहायक निदेशक भी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर राजस्थान के माननीय शिक्षा मंत्री (प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा) श्री गोविंदसिंह डोटासरा ने कहा, ‘‘समग्र शिक्षा कार्यक्रम के माध्यम से राजस्थान सरकार शिक्षा के मानक में सुधार के लिए संस्थागत और व्यवस्थित सुधारों के लिए प्रतिबद्ध है, जिसका उद्देश्य हमारे सबसे महत्वपूर्ण संसाधन बच्चों को पूरी तरह तैयार करना है। हमें पीरामल स्कूल ऑफ लीडरशिप के साथ सहयोग करने की खुशी है, और यह विश्वास है कि यह साझेदारी हमारे छात्रों को 21 वीं सदी में दुनिया को आकार देने में अपनी तरफ से महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के काबिल बनाएगी। झुंझुनूं भारत में शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी जिले के तौर पर पहचाना जाता है और सबसे अधिक प्रदर्शन करने वाले जिलों में से एक है। हमारा उद्देश्य 3 से 18 वर्ष की आयु के बच्चों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने के लिए एक मॉडल लागू करना और देश के 723 अन्य जिलों के लिए झुंझुनूं को एक मॉडल के तौर पर प्रस्तुत करना है।‘‘

पीरामल ग्रुप की वाइस-चेयरपर्सन डॉ स्वाति पीरामल ने कहा, ‘‘विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, जीवन कौशल और व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान सरकार जो प्रयास कर रही है, उसमें पहले से ही अपनी भागीदारी निभाते हुए हमें खुशी का अनुभव हो रहा है। राजस्थान के साथ सहयोग का हमारा एक लंबा इतिहास है और अब हमें इस बात की भी प्रसन्नता है कि हमें राज्य की स्कूल शिक्षा प्रणाली में उत्कृष्टता का मॉडल बनाने में अपनी भागीदारी निभाने का अवसर मिल रहा है।‘‘

इस साझेदारी पर टिप्पणी करते हुए पीरामल स्कूल ऑफ लीडरशिप के डायरेक्टर श्री मनमोहन सिंह ने कहा, ‘‘इस महत्वपूर्ण अवसर पर हम राजस्थान सरकार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को व्यक्त करते हैं। नए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के साथ ही राजस्थान सरकार के साथ हमारी साझेदारी के एक नए युग की शुरुआत हुई है। यह एमओयू झुंझुनूं को प्रारंभिक शिक्षा, सामाजिक भावनात्मक शिक्षा, उद्यमिता से संबंधित शिक्षा और समग्र बाल विकास में वैश्विक मानकों के कई नए तरीकों को लागू करके भारत में शिक्षा उत्कृष्टता के लिए एक आदर्श जिला बनाने के लिए हमारी भागीदारी के रूप में एक नए दौर की शुरुआत करता है।‘‘

इस साझेदारी के दौरान जिले की शैक्षिक क्षमता का पूरा उपयोग करने और छात्रों को देश और दुनिया में सर्वश्रेष्ठ बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इस साझेदारी का उद्देश्य ‘फ्यूचर रेडी’ बच्चों को सक्षम बनाना है और इसके लिए स्कूल, ब्लॉक और जिला स्तर पर उनमें नेतृत्व के गुण विकसित करना, उनके भावनात्मक विचारों में सुधार करना, गतिशील वातावरण में पनपने के लिए उनकी सृजनात्मकता को प्रोत्साहन देना और उनमें सहयोग और करुणा जैसी आवश्यक दक्षताओं का निर्माण करना है। शुरुआती बचपन में शिक्षा के क्षेत्र में नवाचारों को लागू करने के लिए अनेक कदम भी उठाए गए हैं, जैसे आंगनवाड़ी एकीकरण को मजबूत करना, कक्षा 1-5 में फाउंडेशनल लर्निंग पर ध्यान केंद्रित करना, कक्षा 6-10 में प्रोग्राम फाॅर इंटरनेशनल स्टूडेंट असेसमेंट के लिए तैयार करना और माध्यमिक शिक्षा में कैरियर मार्गदर्शन और उद्यमिता विकास के लिए प्रयास करना।

प्रदेश के सभी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में बदलाव को संभव बनाने के लिए एमओयू चरणबद्ध तरीके से जिला प्रशासन का समर्थन करने के लिए दो महत्वपूर्ण स्तंभों पर ध्यान केंद्रित करेगाः–

1) डेमोन्स्ट्रेशन स्कूलः प्रारंभिक शिक्षा, नींव कौशल विकास, पीआईएसए तत्परता, सामाजिक भावनात्मक और नैतिक शिक्षा, और आजीविका और रोजगार शिक्षा के क्षेत्र में स्कूल प्रक्रियाओं में सुधार के लिए प्रयास करना।
2) डिस्ट्रिक्ट ट्रांसफाॅमेशनः कोच लीडरशिप डेवलपमेंट, फैसिलिटेटर डेवलपमेंट, प्लानिंग एंड गवर्नेंस सपोर्ट, कम्युनिटी एंगेजमेंट और प्रोसेस इम्प्रूवमेंट।

इस अवसर पर राजस्थान सरकार की एक अनूठी पहल ‘बस्ते का बोझ कम‘ से संबंधित रिपोर्ट को भी माननीय शिक्षा मंत्री (प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा) श्री गोविंदसिंह डोटासरा और पीरामल फाउंडेशन के सीईओ श्री परेश परासनिस ने जारी किया।
पीरामल स्कूल ऑफ लीडरशिप के समर्थन के साथ 2008 के बाद से झुंझुनूं जिला प्रशासन एक ऐसे रास्ते पर चल पड़ा, जिसने झुंझुनू को एनसीईआरटी नेशनल अचीवमेंट सर्वे 2017 में पूरे भारत में सबसे अधिक प्रदर्शन करने वाले जिलों में से एक बना दिया। तृतीय पक्ष के मूल्यांकन में कक्षा 3 और 5 के लिए छात्रों के सीखने के परिणामों में 20 प्रतिशत की वृद्धि दिखाई देती है। स्कूलों मे नामांकन बढ़ाने के लिए ‘अपना बच्चा अपना विद्यालय’ अभियान चलाया गया, जिसके बाद 15,000 से अधिक छात्रों के नामांकन में वृद्धि हुई, जिनमें से लगभग 6,000 ऐसे थे जो निजी स्कूलों से सरकारी स्कूलों में लौट आए। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2017 में अपने रेडियो प्रसारण ‘मन की बात’ में इसका उल्लेख किया था, और नीती आयोग ने इसे एक सर्वश्रेष्ठ अभ्यास के रूप में प्रलेखित किया। इस दौरान जिले में अनेक नवाचारों को लागू किया गया और महत्वपूर्ण अभियान शुरू किए गए हंै, जिनमें प्रमुख हैं- स्कूलों में रोमांचक गतिविधियों और उपस्थिति को बढ़ावा देने के लिए ‘नो बैग डे’, प्रशासकों का सहयोग बढ़ाने के लिए ‘कलेक्टर की क्लास‘ और बच्चों में सामाजिक भागीदारी और सामाजिक सुधार के लिए ‘सामुदायिक बाल सभा’। इन गतिविधियों ने छात्रों को बहुत प्रभावित किया और समाज में भी शिक्षा को लेकर सकारात्मक माहौल कायम हुआ। साथ ही, प्रबंधकों और शिक्षकों के बीच भी अनुकूल माहौल बनाने में सहायता मिली।