भारत फाइनेंशियल इन्क्लूजन लिमिटेड ने देश के 4 राज्यों के 5000 गाँवों में 100 करोड़ रुपए से अधिक के वित्तीय लेनदेन की सुविधा उपलब्ध कराई

Edit-Rashmi Sharma

जयपुर 11 मई 2020 – इंडसइंड बैंक की 100 प्रतिशत सहायक कंपनी भारत फाइनेंशियल इन्क्लूजन लिमिटेड (बीएफआईएल) ने आज घोषणा की कि उसने कर्नाटक, ओडिशा, महाराष्ट्र और बिहार में ग्रामीण वितरण सेवा पाॅइंट्स (आरडीएसपी) के अपने विस्तृत नेटवर्क के माध्यम से 100 करोड़ रुपए से अधिक के वित्तीय लेनदेन की सुविधा प्रदान की है।

ये आरडीएसपी, जिन्हें ‘भारत मनी स्टोर‘ भी कहा जाता है, बीएफआईएल की ओर से एक व्यावसायिक नवाचार है, जो देश के दूरदराज के स्थानों में स्थित ग्रामीण आबादी के लिए जमा और निकासी की सुविधा प्रदान करते हंै। भारत मनी स्टोर की सहायता से ग्रामीण अब अपने निकटतम किराना/मर्चेंट स्टोर की सेवाओं का लाभ लेते हुए अपने बुनियादी वित्तीय लेनदेन पूरे कर सकते हैं। इसमें वित्तीय ऋण का पुनर्भुगतान, पैसे जमा करना, नकदी निकालना, यूटिलिटी बिल और अन्य प्रकार के बिलों का भुगतान करना जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
भारत मनी स्टोर्स कर्नाटक, ओडिशा, महाराष्ट्र और बिहार में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) मॉडल को बढ़ावा देने के राज्य सरकारों के प्रयासों को भी आगे बढ़ा रहे हैं। इन स्टोर्स के माध्यम से इन राज्यों के 4 लाख से अधिक लाभार्थी अपनी पड़ोस की दुकान के जरिये निकासी का काम कर सकते हैं। देश में वर्तमान लॉकडाउन के कारण आने-जाने पर लागू प्रतिबंध को देखते हुए, भारत मनी स्टोर्स ने 5000 से अधिक गांवों में बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराई हैं, जिससे 3.5 लाख लोगों को फायदा हुआ है। यह संख्या डीबीटी का लाभ उठाने वाले 4 लाख लाभार्थियों के अलावा है।

इस पहल के बारे में जानकारी देते हुए भारत मनी स्टोर के हैड श्री रितेश चटर्जी ने कहा, ‘‘बीएफआईएल में यह हमारा निरंतर प्रयास रहता है कि 1,20,000 से अधिक गांवों में लोगों की आजीविका को सपोर्ट करने की कोशिश की जाए। एक अवधारणा के रूप में भारत मनी स्टोर ने ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे सुविधाजनक कैश-इन, कैश-आउट बिंदुओं की शुरुआत की है, जिसके लिए ग्राहकों के नजदीक के इलाके के किराना/मर्चेंट स्टोर का सहयोग लिया जाता है, जो ग्राहकों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करता है। इस पहल के माध्यम से, बीएफआईएल के साथ-साथ इंडसइंड बैंक का लक्ष्य देश के दूरस्थ क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की सुविधा प्रदान करना है, ताकि इन सेवाओं के लिए ग्राहकों को लंबी दूरी की यात्रा नहीं करना पड़े। हमारा दृढ़ विश्वास है कि देश में वित्तीय समावेशन को संभव बनाने की दिशा में यह प्रयास सार्थक साबित होंगे और इस तरह उन स्थानों पर जरूरी सुविधाएं हासिल हो सकेंगी, जहां अभी बैंकिंग सुविधाएं नहीं हैं या बहुत कम हैं।‘‘

कर्नाटक के सुलेपेठ में चिंचोली के एक भारत मनी स्टोर के व्यापारी राघवेन्द्र कहते हैं, ‘‘ लॉकडाउन अवधि के दौरान, मेरे क्षेत्र के कई लोगों को डीबीटी के तहत सरकार से धन प्राप्त हुआ। वे नकदी निकालने, जमा करने या धन हस्तांतरित करने के लिए मेरे स्टोर पर आ रहे हैं। मुझे ग्राहकों की सेवा

करने में खुशी हो रही है और मुझे इस बात की भी प्रसन्नता है कि ऐसे महत्वपूर्ण समय में डीबीटी लेनदेन की सुविधा देकर मैंने सरकार का समर्थन किया है।‘‘

भारत मनी स्टोर आधार आर्किटेक्चर (ईकेवायसी, एईपीएस) के बल पर तैयार किया गया है जो राहत कोष के वितरण के लिए सरकार के डीबीटी मॉडल के केंद्र में है। साथ ही इस साल अप्रैल में लेन-देन की मात्रा में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज करने वाला यह एकमात्र भुगतान चैनल है।

About Patrika Jagat