आईडीबीआई बैंक ने जोरदार तरीके से वापसी की

Edit-Rashmi Sharma

जयपुर 31 मई 2020  – 13 तिमाहियों के बाद वित्त वर्ष 2020 की चैथी तिमाही में 135 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ दर्ज किया
वित्त वर्ष 2020 की चैथी तिमाही और वर्ष के वित्तीय परिणाम
प्रमुख हाइलाइट्स
 पिछली 13 तिमाहियों के दौरान नेट लॉस की रिपोर्ट करने के बाद क्यू4 एफवाय 2020 के लिए बैंक ने दर्ज किया 135 करोड़ रुपए का पीएटी।
 क्यू4 एफवाय 2020 के लिए परिचालन लाभ (1,874 करोड़ रुपए) में 34 फीसदी की सालाना वृद्धि और 47 फीसदी की तिमाही आधार पर वृद्धि।
 क्यू4 एफवाय 2020 के लिए एनआईआई 2,356 करोड़ रुपए, सालाना आधार पर 46 प्रतिशत की वृद्धि और 54 फीसदी की तिमाही आधार पर वृद्धि।
 क्यू4 एफवाय 2020 के लिए एनआईएम 3.80 प्रतिशत पर, सालाना आधार पर 154 बीपीएस की ग्रोथ, तिमाही आधार पर 153 बीपीएस की ग्रोथ।
 सीएएसए रेशियो 47.74 प्रतिशत पर, सालाना आधार पर 520 बीपीएस वृद्धि, तिमाही आधार पर 9 बीपीएस की वृद्धि।
 बैंक ने क्यू4 एफवाय 2020 के लिए सभी पीसीए पैरामीटर्स को हासिल किया है, पूरे वर्ष के लिए आरओए को छोड़कर। शुद्ध एनपीए 4.19 प्रतिशत पर। सीआरएआर 13.31 फीसदी पर।
 पीसीआर 93.74 प्रतिशत, बैंकिंग उद्योग में सबसे अधिक।
लाभप्रदता
ऽ वित्तीय वर्ष 2020 की चैथी तिमाही के लिए शुद्ध लाभ 135 करोड़ रुपए, क्यू4 एफवाय 2019 में 4,918 करोड़ रुपए के नुकसान की तुलना में। ( वित्तीय वर्ष 2020 के लिए शुद्ध घाटा 12,887 करोड़ रुपए, 2019 में यह राशि 15,116 रुपए थी)
ऽ वित्तीय वर्ष 2020 की चैथी तिमाही के लिए परिचालन लाभ, 34 फीसदी सुधर कर 1,874 करोड़ रुपए हो गया, जो कि वित्तीय वर्ष 2019 की चैथी तिमाही के लिए 1,396 करोड़ रुपए था। वित्तीय वर्ष 2020 के लिए परिचालन लाभ 5,112 करोड़ रुपए, वर्ष 2019 में यह 4,052 करोड़ रुपए था।
ऽ शुद्ध ब्याज आय वित्तीय वर्ष 2020 की चैथी तिमाही के लिए 46 फीसदी सुधर कर 2,356 करोड़ हो गई जबकि वित्तीय वर्ष 2019 की चैथी तिमाही के लिए यह 1,609 करोड़ रुपए थी। वित्तीय वर्ष 2020 के लिए शुद्ध ब्याज आय 6,978 करोड़ रुपए रही, जबकि वर्ष 2019 में शुद्ध ब्याज आय थी 5,906 करोड़ रुपए।
ऽ शुद्ध ब्याज मार्जिन वित्तीय वर्ष 2020 की चैथी तिमाही के लिए 154 बीपीएस सुधर कर 3.80 फीसदी हो गया, वित्तीय वर्ष 2019 की चैथी तिमाही के 2.26 फीसदी की तुलना में। वित्तीय वर्ष 2020 में शुद्ध ब्याज मार्जिन सुधर कर 2.61 फीसदी हुआ, वर्ष 2019 में यह 2.03 प्रतिशत था।
ऽ कोस्ट आॅफ डिपाॅजिट, वित्तीय वर्ष 2020 की चैथी तिमाही के लिए 58 बीपीएस सुधर कर 4.82 फीसदी हो गया, वित्तीय वर्ष 2019 की चैथी तिमाही के लिए यह 5.40 फीसदी था। वित्तीय वर्ष 2020 के लिए कोस्ट आॅफ डिपाॅजिट सुधरकर 5.08 प्रतिशत पर, वर्ष 2019 में यह 5.44 था।
बिजनेस
ऽ 31 मार्च 2020 के अनुसार कुल डिपाॅजिट्स में सीएएसए का शेयर सुधरकर 47.74 फीसदी हुआ, जबकि 31 मार्च 2019 को यह 42.54 फीसदी था।
ऽ एडवांस पोर्टफोलियो कॉर्पोरेट बनाम रिटेल की संरचना 31 मार्च, 2020 को 44.56 के अनुसार की गई, जबकि 31 मार्च, 2019 तक यह 49ः51 थी।
ऽ संरचित रिटेल एसेट्स पोर्टफोलियो 31 मार्च, 2019 को 54,034 करोड़ रुपए की तुलना में 5,104 करोड़ रुपए (9 फीसदी) बढ़कर 59,138 करोड़ रुपए हो गया।
एसेट क्वालिटी
ऽ 31 मार्च, 2020 को सकल एनपीए का अनुपात 27.53 फीसदी था, जबकि 31 मार्च, 2019 को 27.47 फीसदी और 31 दिसंबर, 2019 को 28.72 फीसदी था।
ऽ नेट एनपीए अनुपात 31 मार्च, 2020 को सुधर कर 4.19 फीसदी हो गया, जबकि 31 मार्च, 2019 को यह 10.11 फीसदी था और 31 दिसंबर, 2019 को यह 5.25 फीसदी था।
ऽ प्रावधान कवरेज अनुपात (तकनीकी राइट-ऑफ सहित) 31 मार्च, 2020 को सुधर कर 93.74 फीसदी हो गया, 31 मार्च 2019 को यह 82.88 फीसदी था और 31 दिसंबर, 2019 को यह 92.41 फीसदी था।
ऽ फस्र्ट टाइम एनपीए वित्तीय वर्ष 2020 की चैथी तिमाही में घटकर 727 करोड़ रुपए हो गया जबकि वित्तीय वर्ष 2019 की चैथी तिमाही में यह 1,781 करोड़ रुपए था।
ऽ बैंक ने एग्जिट के लिए सभी पीसीए पैरामीटर्स हासिल किए, आरओए को छोड़कर।
पूंजी
ऽ टियर 1 पूंजी और सीआरएआर 31 मार्च, 2020 को क्रमशः 10.57 फीसदी और 13.31 फीसदी थी जबकि 31 मार्च, 2019 को यह 9.14 फीसदी और 11.58 फीसदी थी।
ऽ 31 मार्च, 2020 को रिस्क वेटेड एसेट्स (आरडब्ल्यूए) 13.47 फीसदी घटकर 1,58,746 करोड़ की हो गई, जबकि 31 मार्च, 2019 को यह 1,83,457 करोड़ की थी।
कोविड- 19 का प्रभाव
ऽ 31 मार्च, 2020 तक 99 प्रतिशत शाखाएँ खुली और कार्यशील थीं, जो स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों को सुनिश्चित करती थीं।
ऽ 31 मार्च, 2020 तक, बैंक ने मानक संपत्तियों के विरुद्ध क्यू4-2020 में कोविड- 19 से संबंधित 247 करोड़ रुपए के 19 प्रावधान किए हैं।
वित्त वर्ष 2020 के दौरान आईडीबीआई-एलआईसी सिनर्जीज
ऽ बीमा प्रीमियम संग्रह ने वित्त वर्ष 2020 में 40 करोड़ की शुल्क आय के लिए 800 करोड़ का नेट पार किया।
ऽ एलआईसी प्रीमियम पे का शुभारंभ- यह पॉलिसीधारकों को शाखा चैनल के माध्यम से एलआईसी नवीकरण प्रीमियम संग्रह की सुविधा प्रदान करेगा- कैश, चैक और मर्चेन्ट इनवाॅइस (कैश में) के जरिये। वित्त वर्ष 2020 में 63000 से अधिक लेनदेन निष्पादित किए गए।
क्यू4 एफवाय 2020 के दौरान महत्वपूर्ण विकास
ऽ आईडीबीआई बैंक ने बैंक के कोर बैंकिंग सिस्टम (सीबीएस) के फिनेक्ल 7ग से फिनेक्ल 10ग के माइग्रेशन को सफलतापूर्वक पूरा किया।
ऽ आईडीबीआई बैंक ने नरीमन पॉइंट, मुंबई में अपने सेंट्रलाइज्ड टेªड प्रोसेसिंग सेंटर (सीटीपीसी) की स्थापना की। सीटीपीसी बैंक को उत्पाद वितरण में दक्षता के उच्च स्तर की सुविधा, टीएटी को कम करने और विकास सेवा में सुधार करते हुए परिचालन जोखिम को कम करने में सक्षम करेगा।
ऽ आईडीबीआई बैंक ने बेसल प्प्प् के अनुपालन टीयर 2 बॉन्ड के इश्यू के माध्यम से 745 करोड़ की पूंजी निधि जुटाई। जुटाई गई राशि को टियर 2 पूंजी के हिस्से के रूप में गिना जाएगा और बैंक की पूंजी पर्याप्तता को बढ़ाया जाएगा। बांड को क्रिसिल और केयर रेटिंग द्वारा स्टेबल आउटलुक के साथ ए प्लस की रेटिंग दी गई है।
ऽ मुंबई, 30 मई, 2020ः आईडीबीआई बैंक लिमिटेड (आईडीबीआई बैंक) के निदेशक मंडल ने आज मुंबई में बैठक की और 31 मार्च, 2020 को समाप्त तिमाही और वर्ष के वित्तीय परिणामों को मंजूरी दे दी।

About Patrika Jagat