नारायण सेवा संस्थान असम के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 1000 परिवारों को करेगा भोजन सामग्री का वितरण

Edit-Rashmi Sharma

असम 24 अगस्त 2020 – असम प्रांत में बाढ़ का कहर झेलने वाले 1000 परिवारों को नारायण सेवा संस्थान की ओर से भोजन सामग्री का वितरण किया जाएगा। यह सामग्री लाछोन गांव (तिनसुकिया), लाईबिल शिवसागर और मिरीपोठार (जोरहाट) के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों मे वितरित की जाएगी। संस्थान अब तक 1000 परिवारों में से 200 परिवारों को सहायता प्रदान कर चुका है।
एनएसएस ने कोविड -19 और लाॅकडाउन के बीच जरूरतमंदों को भोजन वितरित करने और बाढ़ प्रभावित परिवारों तक मदद पहुंचाने के उद्देश्य से जोमाटो कंपनी का सहयोग लिया।
असम में बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए, एनएसएस ने अपने बाढ़-राहत अभियान के माध्यम से राशन किट वितरित किए, जिसमें सूखे खाद्य पदार्थ, खाने के लिए तैयार भोजन के पैकेट, सूखा नाश्ता, बिस्कुट के पैकेट, नमकीन, दूध पाउडर और पीने का पानी शामिल हैं। इसके अलावा, संस्थान ने एक अतिरिक्त पहल करते हुए किट में हाइजीन आइटम भी रखे। इनमें कोविड-19 संकट को देखते हुए महिलाआंे के लिए साबुन और सैनिटरी नैपकिन को भी शामिल किया गया।
समाज सेवा के उद्देश्य से, नारायण गरीब परिवार योजना के तहत राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड और महाराष्ट्र में लगभग 50,000 परिवारों को मासिक राशन प्रदान किया जाता है। कोविड-19 महामारी के बीच संस्थान ने महामारी का मुकाबला करने के लिए 6800 परिवारों को राशन सामग्री वितरणए 1,30,000 से अधिक खाद्य पैकेट, 65000 मास्क, 800 पीपीई किट वितरित करके अनेक परिवारों की सेवा की है।
नारायण सेवा संस्थान के प्रेसीडेंट श्री प्रशांत अग्रवाल ने कहा,‘‘एनएसएस ने हमेशा समाज की बेहतरी के लिए प्रयास किया है और इस दिशा में अपना योगदान करते हुए जरूरतमंद लोगों की मदद करने में हाथ बँटाया है। कोविड-19 से उपजे हालात में अनेक  योग्य परिवारों को बेहद चुनौतियों का सामना करना पड़ा है और इस दौर में हमने निश्चित किया कि हम जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए यथासंभव प्रयास करेंगे। असम में बाढ़ के कहर ने बच्चों सहित कई परिवारों को बुरी तरह प्रभावित किया है और संकट की इस घड़ी में हमने उनकी बुनियादी आवश्यकताओं को समझते हुए उन्हंे भोजन सामग्री उपलब्ध कराने का प्रयास किया है। हमारा लक्ष्य 1000 परिवारों तक राशन सामग्री पहुंचाने का है और अब तक हम 200 परिवारों तक यह सामग्री पहुंचाने में कामयाब रहे हैं। ‘‘
नारायण सेवा संस्थान ने संकट के समय में मदद करने के मकसद से मुख्यमंत्री राहत कोष में 2 लाख रुपए का योगदान किया है। एनएसएस कौशल केंद्र अपनी स्किल क्लासेज को फिर से शुरू करने की योजना बना रहा है, ताकि जरूरतमंद लोगों के जीवन को सहारा देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा सके और देश की अर्थव्यवस्था को गति प्रदान की जा सके।