अब नगद निकासी के लिए ATM तलाशने की ज़रुरत नहीं पड़ेगी – रैपीपे माइक्रो ATM का दावा

Edit-Rashmi Sharma

नई दिल्ली 9 सितंबर 2020 – ग्राहकों को बैंकिंग बिज़नेस कॉरेस्पोंडेंट्स की सेवाएं प्रदान करने वाली देश की सबसे तेजी से बढ़ती फिनटेक कंपनी रैपीपे ने हाल ही देशभर में माइक्रो ATM (mATMs) लॉन्च किए हैं। रैपीपे, जो कैपिटल इंडिया फाइनेंस लिमिटेड (CIFL) की फिनटेक सब्सिडीइरी है, का मानना है कि ATM से नकद निकासी की जरूरतों को देखते हुए माइक्रो ATM भारतीय उपभोक्ताओं, खासकर टीयर 2, 3 शहरों और ग्रामीण भारत में रहने वाले वंचित वर्ग की आबादी के लिए क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। इसके अलावा, रैपीपे, BC मॉडल ने भारतीय रिटेलर्स को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करके “आत्मानिभर भारत” पहल में एक मजबूत भूमिका निभा रहा है।

इस नई सेवा के लॉन्च पर रैपीपे के एमडी और सीईओ श्री योगेंद्र कश्यप ने कहा, ‘‘हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हमारे माइक्रो ATM को बाजार में शानदार रिस्पांस मिला है और हम इसे लॉन्च करने के एक महीने के भीतर 25,000 से अधिक डिवाइस इंस्टॉल कर चुके हैं। रैपीपे माइक्रो ATM  पारंपरिक ATM मशीनों की तुलना में क्रांतिकारी साबित हुए हैं। यह आम जनता को आसानी से नकदी निकालने के लिए सक्षम बनाता है। उन्हें अब ATM तलाशने की जरूरत नहीं है, किसी भी RapiPay Saathi स्टोर पर जाकर पैसा निकाल सकते हैं।‘

श्री कश्यप ने आगे कहा, ‘‘अपने नजदीकी दुकानदार के पास ही माइक्रो ATM, AePS और अन्य सेवाओं जैसे मनी ट्रांसफर, बिल और tax का भुगतान आदि उपलब्ध होने से स्थितियों में व्यापक तौर पर बदलाव आएगा और बैंकिंग और भुगतान सेवाओं की तलाश में रहने वाले लोगों के लिए यह एक बहुत राहत भरा कदम होगा।‘‘

भारत एक नकदी प्रधान अर्थव्यवस्था है और यहां लाखों ट्रांजेक्शंस पहले से ही माइक्रो ATM के माध्यम से हो रहे हैं, चाहे वह आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AEPS) हो या माइक्रो ATM डिवाइस  के माध्यम से। वर्तमान में कोरोना महामारी के दौरान भी माइक्रो ATM ने लोगों के लिए नकद निकासी की सुविधा को बेहद सुलभ और सरल किया है। विशेष रूप से मजदूरों, कामगारों, किसानों आदि के जन धन खातों में सरकार की ओर से जमा कराए गए 1075 लाख करोड़ रुपए की निकासी में भी इनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहीं। ये ऐसे लोग थे जिनके पास कामकाज नहीं था और जिन्हें नकदी की जरूरत थी।

भारतीय रिजर्व बैंक के हालिया आंकड़ों से पता चलता है कि बैंकों द्वारा स्थापित किए गए ATM में से केवल 19% ATM ग्रामीण भौगोलिक क्षेत्रों में स्थापित किए गए थे, जबकि देश की 62% आबादी इन क्षेत्रों में निवास करती है। ग्रामीण क्षेत्रों में ATM की कम पहुंच के अलावा, साल-दर-साल ATM की कुल संख्या में भी गिरावट आ रही है। इस प्रकार, देश में लगभग सभी लोगों तक पहुंचने और ग्रामीण आबादी की नकदी की जरूरतों को पूरा करने में आने वाली समस्याओं को दूर करने के लिए माइक्रो ATM की मांग लगातार बढ़ रही है और इसमें और संभावनाएं नजर आ रही हैं। ऐसा इसलिए भी नजर आ रहा है, क्योंकि इन क्षेत्रों में ज्यादातर लेनदेन नकद में ही होता है।

रैपीपे माइक्रो ATM का इंस्टालेशन बेहद सरल है और इसे आसानी से देशभर के सभी रैपीपे साथियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले रैपीपे एजेंट ऐप से जोड़ा जा सकता है। रैपीपे के पास आरबीआई की ओर से एक पीपीआई (प्री-पेड इंस्ट्रूमेंट) लाइसेंस है और यह एजेंटों और सभी ग्राहकों दोनों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित और विश्वसनीय है।

रैपीपे के बारे में

रैपीपे एक प्रमुख फिनटेक कंपनी है जो पेमेंट साॅल्यूशंस और नियो बैंकिंग में क्रांति ला रही है। यह कैपिटल इंडिया फाइनेंस लिमिटेड (सीआईएफएल) की एक सहायक कंपनी है। सीएफआईएल एक एनबीएफसी है, जो एसएमई और मिड कॉरपोरेट सेगमेंट को वित्त सुविधा उपलब्ध कराती है और जो अपनी हाउसिंग फाइनेंस सब्सिडियरी, कैपिटल इंडिया होम लोन्स लिमिटेड के जरिए होम लोन प्रदान करती है।

रैपीपे ‘साथी‘ के देशव्यापी रिटेल एजेंट नेटवर्क के माध्यम से कंपनी व्यापक, सुरक्षित और सहायक भुगतान समाधान प्रदान करती है।

कंपनी रैपीपे साथियों का सबसे बड़ा नेटवर्क बना रही है – जो अपने समस्त ग्राहकों को वन स्टॉप पेमेंट्स सॉल्यूशन प्लेटफॉर्म के माध्यम से सरल और सुरक्षित तरीके से खुदरा वित्तीय सेवाएं प्रदान करने के लिए टैक्नोलाॅजी और कनेक्टिविटी से लैस है। यह आपकी नजदीकी विश्वसनीय दुकान में ही आपको बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराती है, जिससे ग्राहकों को अपने पैसे का प्रबंधन करने में मदद मिलती है और उनका जीवन आसानी से आगे बढ़ता रहता है।

 

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