गोदरेज अप्‍लायंसेज कर रहा है भारतीयों के स्‍वास्‍थ्‍य की रक्षा

Editor-Manish Mathur

जयपुर 02 नवंबर 2020  – गोदरेज अप्‍लायंसेज, जो अग्रणी भारतीय उपकरण निर्माता है, स्‍वास्‍थ एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय के यूनिवर्सल इम्‍यूनाइजेशन प्रोग्राम के तहत अगले 6 वर्षों में भारत के राज्‍यों में उत्‍कृष्‍ट वैक्‍सीन रेफ्रिजरेटर्स और डीप फ्रिजर्स की 11,856 यूनिट्स शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इन उन्‍नत चिकित्‍सा उपकरणों को देश के विभिन्‍न स्‍टेट डिपो के 22 लोकेशंस में डिलिवर किया जायेगा और इन्‍हें अनेक सरकारी अस्‍पतालों, जिला अस्‍पतालों एवं स्‍वास्‍थ्‍य केंद्रों में शुरू किया जायेगा। इससे भारत सरकार द्वारा व्‍यापक रूप से चलाये जाने वाले टीकाकरण कार्यक्रम के लिए कोल्‍ड चेन को मजबूत बनाया जा सकेगा। गोदरेज अप्‍लायंसेज को हाल ही में निविदा प्रक्रिया के जरिए आइसलाइन्‍ड मेडिकल रेफ्रिजरेटर्स की 8767 यूनिट्स और हॉरिजंटल डीप फ्रिजर्स की 3089 यूनिट्स के लिए 95 करोड़ रु. मूल्‍य का टेंडर मिला है।

श्‍योर चिल टेक्‍नोलॉजी युक्‍त, गोदरेज मेडिकल रेफ्रिजरेटर्स 2 से 8 डिग्री सेंटीग्रेड की अनुकूल तापमान बनाये रखने में सहायक हैं – जो कि वैक्‍सीन परिरक्षण एवं ब्‍लड स्‍टोरेज के लिए आवश्‍यक होता है। यह रेफ्रिजरेटर बिजली चले जाने पर भी वातावरण के 43 डिग्री सेल्सियस तापमान में 8-12 घंटे तक अपने तापमान को बनाये रखता है। जिन क्षेत्रों में बिजली की आपूर्तिनहीं है, इस उपकरण को सौर्य विद्युत से चलाया जा सकता है और समान परिणाम हासिल किया जा सकता है। इसमें उपनगरीय और नगरीय क्षेत्रों के लिए लाइट सीरीज भी शामिल है, जहां बिजली का जाना कोई बड़ी बात नहीं है; इसलिए, यह 3 दिनों के पर्याप्‍त होल्‍डओवर के साथ आता है।

 दूसरी तरफ, डी-कूल टेक्‍नोलॉजी युक्‍त गोदरेज मेडिकल फ्रिजर्स में D-आकार के कॉपर रेफ्रिजरेटिंग ट्यूब का उपयोग किया गया है, ताकि रेफ्रिजरेटर को सर्वोत्‍तम तरीके से कार्य करने के लिए अधिक सर्फेस कॉन्‍टैक्‍ट और हीट एक्‍सचेंज के लिए बड़ी जगह मिल सके। यह -20 °C पर सटीक कूलिंग करता है।

घोषणा के बारे में प्रतिक्रिया व्‍यक्‍त करते हुए, गोदरेज अप्‍लायंसेज के बिजनेस हेड और एक्‍जीक्‍यूटिव वाइस प्रेसिडेंट, कमल नंदी ने कहा, ”हमें स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण मंत्रालय के एक सबसे बड़े टीका प्रतिरक्षण कार्यक्रम में शामिल होने पर गर्व है। प्रतिरक्षण,लंबे समय सेबीमारियों से लड़ने और उन्‍हें दूर करने का सबसे प्रभावी तरीका रहा है। हमारे गोदरेज मेडिकल रेफ्रिजरेटर्स, बिजली कट जाने के बाद भी हर समय 4 डिग्री सेल्सियस की प्रेसिजन कूलिंग देने के लिए सुसज्जित हैं और इसकी गुणवत्‍ता अंतर्राष्‍ट्रीय मानकों के टक्‍कर की हैतथाइसका प्रदर्शन अधिकांश अन्‍य आईएलआर से बेहतर है। गोदरेज के सभी अप्‍लायंसेज की तरह ही, ये इको-फ्रेंड्ली हैं और इनमें 100% सीएफसी, एचएफसी एवं एचसीएफसी रहित R600A और दुनिया के सबसे हरित आर290 रेफ्रिजरेंट का उपयोग किया गया है, जो सर्वोत्‍तम तरीके से ऊर्जा के उपयोग में सहायक है और इनसे हमारे पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं है। हमें इतने व्‍यापक प्रयास में हेल्‍थकेयर कोल्‍ड चेन मजबूत करने हेतु भारत सरकार के साथ सहयोग करने पर गर्व हैजिससे भारत के लोगों के स्‍वास्‍थ्‍य की रक्षा होगी, हमारी वर्तमान एवं भावी पीढि़यां सुरक्षित रहेंगी और राष्‍ट्र व अर्थव्‍यवस्‍था को मजबूत बनाने मे योगदान दिया जा सकेगा।”

गोदरेज अप्‍लायंसेज के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट और हेड – न्‍यू बिजनेस डेवलपमेंट, श्री जयशंकर नटराजन ने आगे बताया, ”वैक्‍सीन्‍स को 8°C से अधिक या 2°C से कम तापमान पर रखे जाने वो असरदार नहीं रह पायेंगी और इससे भारी दोतरफा नुकसान होगा – पहला, यह कि लक्षित उपयोगकर्ता को उचित प्रतिरक्षण नहीं मिल पायेगा और दूसरा, सरकार को इन महंगी वैक्‍सीन्‍स को फेंक देना पड़ेगा जिससे आर्थिक नुकसान होगा। स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण मंत्रालय (एमओएचएफडब्‍ल्‍यू) की रिपोर्ट में बताया गया कि भारत में अंतिम व्‍यक्तिको प्रतिरक्षण सुविधा प्रदान करने में ढांचागत चुनौतियां प्रमुख बाधा हैं क्‍योंकि यहां बिजली की पर्याप्‍त आपूर्तिनहीं है (लंबे समय के लिए बिजली कट जाने से लेकर बार-बार बिजली जाने की समस्‍या तक)। तकनीकी रूप से उन्‍नत मेडिकल रेफ्रिजरेटर्स और फ्रिजर्स की हमारी रेंज, वातावरण का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक होने और बिजली कट जाने के बावजूद उपयुक्‍त तापमान बनाये रखने में सहायक है, जो कि इस तरह के वैक्‍सीन आउटरीच प्रोग्राम्‍स के लिए बेहद उपयुक्‍त है।वर्षों से रेफ्रिजरेशन में अपनी निपुणता, मेडिकल रेफ्रिजरेटर्स एवं डीप रेफ्रिजरेटर्स दोनों के अपने पोर्टफोलियो और अपने व्‍यापक सर्विस नेटवर्क के दम पर, गोदरेज, मेडिकल कोल्‍ड चेन श्रेणी में महत्‍वपूर्ण स्‍थान रखता है। ये दोनों ही उत्‍पाद भारत में तैयार किये जा रहे हैं। सरकार और स्‍वास्‍थ्‍यकर्मियों के साथ मिलकर, हम सभी के लिए अच्‍छी स्‍वास्‍थ्‍य सेवा के भारत सरकार के लक्ष्‍य के अनुरूप लास्‍ट माइल इम्‍यूनाइजेशन प्रदान करने हेतु संकल्पित हैं।”

अनेक अल्‍प-विकसित और विकासशील देशों में स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं सुदूर क्षेत्रों में हैं जो प्राय: सुलभ नहीं हो पाती, जिससे सेवा उपलब्‍ध कराना एक चुनौती होती है। गोदरेज अप्‍लायंसेज की सर्विस शाखा, गोदरेज स्‍मार्टकेयर यहां बेहद महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाता है और यह शहरी केंद्रों में 48 घंटे के भीतर एवं ग्रामीण केंद्रों में 72 घंटे के भीतर सेवा उपलब्‍ध कराने हेतु वचनबद्ध है। स्‍पेयर पार्ट्स की उपलब्‍धता, 660 सर्विस सेंटर्स के विशाल सर्विस नेटवर्क, 4500 से अधिक एप्‍प-समर्थित स्‍मार्ट बड्डी टेक्निशियंस, भारत की विविधताओं के अनुरूप 14 क्षेत्रीय भाषाओं में कुशल संवाद में सक्षम 24 x 7 कॉल सेंटर और प्रोडक्‍ट में लंबे होल्‍डओवर टाइम जैसी क्षमताएं कार्य के ‘हमेशा चालू’ रहने का आश्‍वासन दिलाती हैं और वैक्‍सीन्‍स जैसे महंगे स्‍वास्‍थ्‍य सेवा संसाधनों के खराब होने का डर दूर करती हैं।

 

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