विश्व में पहली बार 63 वर्षीय महिला ने पूरा किया स्टेडियम में फुल मैराथन

Editor-Dinesh Bhardwaj

जयपुर, 14 फरवरी 2021 – फरवरी में सुबह चार बजे के अंधेरे के साथ सर्द हवाओं के बीच जयपुराइट्स के उत्साह ने ऐसा माहौल बनाया कि 63 साल की सरला भदौरिया हों या 13 साल का ऋषभ, मैराथन की दूरी पार करने में उम्र किसी के रास्ते नहीं आई। रविवार को वैलेंटाइन डे के मौके पर एयू बैंक जयपुर मैराथन में ‘सेलिब्रेटिंग लव फॉर लाइफ’ की सोच के साथ शहर की सड़कें जयपुराइट्स के कदमों के साथ गुलजार हुईं। हजारों रनर्स ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में रनिंग के इस उत्सव को जमकर सेलीब्रेट किया। फ्लैग ऑफ एसएमएस स्टेडियम में मिनिस्टर ऑफ़ कैबिनेट, कला और संस्कृति, बी.डी कल्ला; संगरक्षक संस्कृति संस्थान, लोकेन्द्र कालवी; चीफ ऑफ़ स्टाफ, सीएफो, योगेश जैन;नगर निगम ग्रेटर पुनीत कर्णावत; संस्कृति युवा संस्था के अध्यक्ष पंडित सुरेश मिश्रा; वर्ल्ड ट्रेड पार्क के चेयरमैन अनूप बरतरिया; एयू बैंक, वाईस प्रेजिडेंट, मार्केटिंग, सौरभ तांबी; प्रमोद जैन; डॉ. आशीष मित्तल; एसजीएम आउटडोर के जेडी महेश्वरी ने किया।

एयू बैंक जयपुर मैराथन के सीईओ मुकेश मिश्रा ने बताया कि स्टेडियम में अलग-अलग कैटेगिरी 42, 21 और 10 किमी में 100 से अधिक रनर्स ने दौड़ लगाई इनमें कुछ नाम थे एयू बैंक के ग्रुप हेड मनोज टिबरेवाल; आइ.ए.स, विष्णु चरण; आईटी आयुक्त, दिल्ली, संजीव; आयकर आयुक्त, सूरत, एस आर मीना और स्टेफानो। जयपुर में बनाए गए 250 पॉइंट्स में हजारों लोगों ने अलग-अलग ग्रुप्स में वर्चुअल हिस्सा लिया। रेस पूरी करने वाले रनर्स को उनके पॉइंट्स पर ही मेडल और सर्टिफिकेट दिये गए तथा भारत के 150 शहरों और 100 देशों जैसे लंदन, कनाडा, यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ़ अमेरिका, पेरिस, श्री लंका, नेपाल, केन्या, इथियोपिया आदी के रनर्स अपने टाइम जोन के हिसाब से मिडनाइट तक अपनी-अपनी लोकेशन पर वर्चुअली रनिंग की।

ट्रैक से लेकर सड़कों पर दिखीं कई कहानियां

इस बार की मैराथन रेस कई मायनों में खास रही क्योंकि महामारी से उबरने के बाद फिर से जीवन पटरी पर लौटा है और लोगों में रनिंग को लेकर जुनून में कोई कमी नहीं रही। विश्व में पहली बार मैराथन रेस स्टेडियम में आयोजित की गई और 63 साल की सरला भदौरिया पहली महिला बनीं जिन्होंने इस तरह की मैराथन में पूरे 42 किमी की दौड़ पूरी की। वहीं 13 साल के ऋषभ ने भी फुल मैराथन पूरी की। 80 साल के दामोदर शर्मा का इस उम्र में भी रनिंग को लेकर उत्साह कम नहीं हुआ और उन्होंने 21 किमी कैटेगिरी की दौड़ पूरी की। वहीं छह साल की खुशी ने भी अपने नन्हें-नन्हें कदमों से 2 किमी की दौड़ लगाई।

शरीर ने भले ही छोड़ा साथ लेकिन कायम रहा रनिंग का जज्बा

एयू बैंक जयपुर मैराथन में कुछ ऐसे रनर्स भी जिनके शरीर ने भले ही उनका साथ छोड़ दिया है लेकिन दौड़ने को लेकर उनके जज्बे ने दूसरे लोगों साथ कदम से कदम मिलाया। तरुण कुमार ने व्हील चेयर से रनिंग की वहीं पैरालिसिस से पीड़ित उदय सिंह राठौड़ ने अपने सधे हुए कदमों से दूसरों के साथ रेस पूरी की।

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