आईसीआईसीआई बैंक का राजस्थान में खुदरा ऋण वितरण को 35 प्रतिशत बढ़ाने का लक्ष्य, वित्त वर्ष 22 में 15,500 करोड़ रुपए तक पहुंचाने का इरादा

जयपुर- 22 दिसंबर 2021:  आईसीआईसीआई बैंक ने आज घोषणा की कि वह डिजिटल पहल और ग्राहक केंद्रित दृष्टिकोण के माध्यम से राजस्थान में अपनी रिटेल फ्रेंचाइजी को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इन पहलों से राज्य में बैंक के रिटेल लोन डिस्बर्समेंट में पिछले साल की तुलना में वित्तीय वर्ष 2022 में 35 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि होने की संभावना है और रिटेल लोन का आंकड़ा 15,500 करोड़ रुपए तक पहुंचने की उम्मीद है।

मीडिया के साथ एक वर्चुअल बातचीत में आईसीआईसीआई बैंक के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टा श्री अनूप बागची ने कहा, ‘‘हम डिजिटल पहलों की एक श्रृंखला के साथ अपनी फ्रैंचाइज़ी, डिलीवरी और सर्विसिंग क्षमताओं को लगातार मजबूत कर रहे हैं। हमारे प्रत्येक कदम के केंद्र में ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण है और इस विचार के साथ हमारा प्रयास है कि अपने ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण ऑफर्स तैयार किए जा सकें। हम सभी तरह के क्लाइंट और सेगमेंट पर और माइक्रो मार्केट्स में नए अवसरों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। हमने बैंक के इन सभी ऑफर्स का लाभ सभी ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए क्रॉस-फंक्शनल टीमें बनाई हैं।’’

इस वित्तीय वर्ष में प्रदेश में रिटेल लोन के प्रमुख सेगमेंट, जैसे- मॉर्गेज लोन, कंज्यूमर लोन, बिजनेस लोन और ओवरड्राफ्ट में तेज गति से बढ़ने के आसार स्पष्ट नजर आ रहे हैं। इस आधार पर बैंक को उम्मीद है कि वह अपने मॉर्गेज ऋण वितरण को 50 प्रतिशत बढ़ाकर 4,200 करोड़ रुपए तक और उपभोक्ता ऋण को 30 फीसदी बढ़ाकर 4,100 करोड़ रुपए तक पहुंचाने में कामयाब रहेगा। साथ ही, व्यवसाय ऋण, ओवरड्राफ्ट और कमोडिटी आधारित फाइनेंस डिस्बर्समेंट में भी 50 प्रतिशत बढ़ोतरी होने और 4,600 करोड़ रुपए तक पहुंचने की संभावना है।

मॉर्गेज लोन के बारे में बात करते हुए श्री बागची ने कहा, ‘‘विकास की यह रणनीति डिजिटल टैक्नोलॉजी और ऋण की तत्काल मंजूरी के कारण संभव हुई है और इसके साथ ही किफायती आवास खंड में विस्तार, टीम को मजबूत करना और स्व-रोजगार खंड पर जोर देने से भी कामयाबी हासिल की गई है। डिजिटल रूप से तत्काल होम लोन मंज़ूरी देने की हमारी सुविधा देश में सबसे पहले आईसीआईसीआई बैंक ने ही दी और इस सुविधा के कारण हमारे लाखों प्री-अप्रूव्ड ग्राहकों को बहुत मदद मिली है, क्योंकि उन्हें तुरंत   स्वीकृति पत्र मिल जाता है। मॉर्गेज पोर्टफोलियो के भीतर, बैंक ने बीकानेर, श्रीगंगानगर, किशनगढ़, राजसमंद, निम्बाहेड़ा, हनुमानगढ़, दौसा, रतनगढ़ और पाली जैसे प्रमुख स्थानों की शाखाओं में अपनी टीमों का विस्तार किया है। इन सभी पहलों के माध्यम से हमें उम्मीद है कि राजस्थान में मॉर्गेज लोन डिस्बर्समेंट में वित्त वर्ष 21 की तुलना में वित्त वर्ष 22 में 50 प्रतिशत की वृद्धि होगी और यह आंकड़ा 4,200 करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगा।’’

बिजनेस लोन और ओवरड्राफ्ट के बारे मंे जानकारी देते हुए श्री बागची ने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि व्यवसाय और स्व-रोजगार में जुटे लोग हमारे समाज के लिए मेरूदंड का काम करते हैं। हम व्यवसायों के लिए उनके जीवन के हर चरण में सेवाओं की एक श्रृंखला को डिजिटाइज़ करने वाले पहले बैंक हैं। बैंक राज्य भर के व्यवसायों को कार्यशील पूंजी और सावधि ऋण वित्तपोषण प्रदान करता है। इसके अलावा, हम कई अत्याधुनिक डिजिटल सुविधाएं प्रदान करते हैं; उनमें से कुछ अपनी तरह की पहली सुविधाएं हैं। इनमें प्रमुख हैं- तत्काल चालू खाता, तत्काल ओवरड्राफ्ट सुविधा, जीएसटी रिटर्न पर आधारित व्यवसाय ऋण, व्यवसायों के लिए ‘इंस्टाबिज’ ऐप जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म, व्यवसायों और कॉरपोरेट्स के लिए इंटरनेट बैंकिंग, और ट्रेड ऑनलाइन- निर्यात-आयात लेनदेन करने के लिए एक अलग प्लेटफॉर्म। हमारा मानना है कि हमारी सभी डिजिटल सुविधाएं व्यवसायों को निर्बाध रूप से लेन-देन करने में सक्षम बनाती हैं और उन्हें उनकी अधिकतम क्षमता तक बढ़ने में मदद करती हैं।’’

बैंक राजस्थान में अपने नेटवर्क का विस्तार करने के दौरान प्रदेश के माइक्रो मार्केट्स पर भी ध्यान दे रहा है। इसी क्रम में जोधपुर में हस्तशिल्प और फर्नीचर, किशनगढ़ में पत्थर/संगमरमर, जयपुर में आभूषण, पाली में कपड़ा और बारां, टोंक, बीकानेर, नोखा और श्रीगंगानगर में कृषि जिंस मंडियों जैसे सूक्ष्म बाजारों पर बैंक का फोकस है। इस वृद्धि को गति देने के लिए, बैंक ने पिछले एक साल में जयपुर, भीलवाड़ा और जोधपुर में क्रेडिट प्रोसेसिंग केंद्रों की संख्या तीन से बढ़ाकर 10 कर दी है।

उपभोक्ता ऋण के बारे में श्री बागची ने कहा, ‘‘हम ग्राहकों को डिजिटल और तत्काल उपभोक्ता ऋण प्रदान करते हैं। हमारे इंस्टेंट पर्सनल लोन सॉल्यूशन के माध्यम से लाखों पूर्व-अनुमोदित ग्राहक इंटरनेट/मोबाइल बैंकिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से आवेदन करने के बाद तुरंत अपने खाते में धन प्राप्त कर सकते हैं। वर्तमान में, राज्य में हमारे पर्सनल लोन डिस्बर्समेंट का 50 फीसदी डिजिटल चैनलों के माध्यम से है। इसके अलावा, हमने अजमेर, अलवर, बाड़मेर, बारां और बूंदी जैसे टियर टू और थ्री शहरों के साथ-साथ जोधपुर और उदयपुर जैसे शीर्ष शहरों में वेतनभोगी और स्व-नियोजित व्यक्तियों दोनों की ओर से व्यक्तिगत ऋण के लिए अच्छा रुझान दर्ज किया है। इसके अतिरिक्त, हमने ग्राहकों को तत्काल और ऑनलाइन कार फाइनेंस का विकल्प प्रदान करने के लिए प्रमुख ओईएम (कार निर्माताओं) के साथ डिजिटल रूप से तालमेल किया है। ऑटो ऋण के लिए हमारा ध्यान भरतपुर, पाली, बाड़मेर, नागौर, कोटपुतली, राजसमंद और बांसवाड़ा जैसे टियर टू और थ्री शहरों के उभरते बाजारों के साथ-साथ जयपुर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर जैसे शीर्ष शहरों पर होगा।’’

आईसीआईसीआई बैंक विभिन्न सरकारी विभागों के साथ भी सहयोग करता है ताकि प्रदेश के नागरिकों को डिजिटल सुविधाएं प्रदान की जा सके। इनमें निविदा शुल्क, संपत्ति कर, उपयोगिता (जैसे बिजली, पानी) बिलों के संग्रह के लिए डिजिटल समाधान और विक्रेताओं को ऑनलाइन भुगतान करने के लिए वेब आधारित समाधान और डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभार्थी फंड ट्रांसफर) शामिल हैं।

राज्य में ग्रामीण क्षेत्रों को सशक्त बनाने की पहल के बारे में

आईसीआईसीआई बैंक ने वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में भी कई पहल की हैं। बैंक अपने स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) कार्यक्रम द्वारा राजस्थान की ग्रामीण महिलाओं की उद्यमशीलता की भावना को सपोर्ट कर रहा है। बैंक 45 प्रतिशत की बाजार हिस्सेदारी के साथ राजस्थान में एसएचजी का सबसे बड़ा ऋणदाता है। बैंक ने राज्य में लगभग 10 लाख महिलाओं सहित 76,000 से अधिक एसएचजी को संचयी रूप से ऋण वितरित किया है। बैंक ने राज्य में वंचितों के लिए लगभग 22 लाख जीरो बैलेंस खाते भी खोले हैं।

ग्रामीण क्षेत्र में बैंक किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), कृषि उपकरणों के लिए ऋण और एसएचजी जैसे विभिन्न ऋण समाधान प्रदान करता है। ग्रामीण क्षेत्रों में ऋण संबंधी समस्त कामकाज टैब आधारित ‘एक्सप्रेस एग्री’ एप्लिकेशन के साथ डिजिटल रूप से किया जाता है। यह तेजी से बदलाव का समय सुनिश्चित करता है क्योंकि यह री-वर्क और कागजी दस्तावेजों की आवाजाही को दूर करता है। बैंक मौजूदा ग्राहकों को पूर्व-योग्य किसान क्रेडिट कार्ड भी प्रदान करता है। इसके अतिरिक्त, बैंक वित्तीय समावेशन को बढ़ाने के लिए राज्य में ग्रामीण ग्राहकों के लिए वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम आयोजित करता है।

आईसीआईसीआई एकेडमी फॉर स्किल के माध्यम से आईसीआईसीआई ग्रुप वंचित युवाओं को मुफ्त व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करने में भी सक्रिय रूप से शामिल रहा है। अकादमी ने 2013 में जयपुर में अपना पहला केंद्र स्थापित किया था और तब से, राजस्थान में 19,500 से अधिक वंचित युवाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया है।

इसके अलावा, आईसीआईसीआई फाउंडेशन हाशिए के समुदायों के लोगों को व्यावसायिक प्रशिक्षण और प्लेसमेंट सहायता प्रदान करने के लिए 20 उपग्रह केंद्रों के साथ उदयपुर और जोधपुर में दो ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरएसईटीआई) संचालित करता है। इसकी स्थापना के बाद से, इन आरएसईटीआई के माध्यम से 120,000 से अधिक व्यक्तियों को प्रशिक्षित किया गया है।

लगभग 490 शाखाओं और 680 एटीएम के साथ राज्य भर में बैंक की व्यापक मौजूदगी है, जो लगभग 1,170 टच पॉइंट का खुदरा नेटवर्क बनाता है, जो राज्य में निजी क्षेत्र के बैंकों में सबसे बड़ा है। बैंक राज्य के दूरदराज के ऐसे गांवों में भी सेवा प्रदान करता है, जो अब तक बैंक रहित थे। बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट द्वारा संचालित कस्टमर सर्विस पॉइंट्स (सीएसपी) के अपने नेटवर्क के माध्यम से बैंक ने यह संभव कर दिखाया है।

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