आईआईएम उदयपुर इनक्यूबेशन सेंटर ने जलवायु परिवर्तन की दिशा में पहला स्टार्टअप समूह शुरू किया; योग्य स्टार्टअप को दिया आमंत्रण

उदयपुर, 18 जनवरी, 2022- भारतीय प्रबंधन संस्थान उदयपुर ने इलैक्ट्राॅनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय स्टार्टअप हब, इलैक्ट्राॅनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार और कॉर्पाेरेट पार्टनर ट्रांसवल्र्ड ग्रुप के सहयोग से पात्र स्टार्टअप के लिए क्लाइमेट चेंज इनोवेशन ग्रांट की घोषणा की है। अनुदान में प्रारंभिक चरण के ऐसे जलवायु तकनीकी उद्यमों को सपोर्ट किया जाएगा, जिनके उत्पाद या सेवाएं स्पष्ट रूप से जीएचजी उत्सर्जन को कम करने या ग्लोबल वार्मिंग के प्रभावों को दूर करने पर केंद्रित हैं।

इसमें भाग लेने वाले स्टार्टअप्स को कॉर्पाेरेट पार्टनर ट्रांसवल्र्ड ग्रुप के साथ विचार-मंथन करने और साॅल्यूशन तलाशने और इसके अनुरूप जरूरी प्रशिक्षण और समर्थन प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, आईआईएम उदयपुर इनक्यूबेशन सेंटर में सीखने और समान विचारधारा वाले समुदाय में एक सहयोगी वातावरण में काम करने का मौका भी हासिल होगा। इसके अलावा उन्हें इन्क्यूबेशन सेंटर के अन्य कार्यक्रमों के तहत फॉलो-ऑन फंडिंग हासिल करने का अवसर भी मिलेगा।

आईआईएम उदयपुर इनक्यूबेशन सेंटर के सीईओ श्री कन्नन सुंदरराजन ने कहा, ‘‘आईआईएम उदयपुर का मकसद है कि स्टार्टअप कंपनियों को अत्याधुनिक सलाह और ऑनलाइन प्रशिक्षण के साथ-साथ वित्तीय सहायता और नेटवर्किंग के अवसरों तक पहुंच प्रदान की जाए। आपके और आपके स्टार्ट-अप दोनों के लिए और ठोस जलवायु समाधान वाले पर्यावरण के लिए सफलता ही मूल बात है।’’
उन्होंने आगे कहा, ‘‘हमें दरअसल ऐसे लोगों की तलाश है जो जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए जज्बाती तौर पर काम करने के इच्छुक हों और इस दिशा में लगातार प्रेरित होकर काम कर सकें। यदि आपके पास कोई इनोवेटिव विचार है, तो इसे साकार करने का यह आपके लिए मौका है। यदि आप एक मौजूदा स्टार्ट-अप हैं और आपको अपने व्यवसाय को बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता और इसके साथ मार्गदर्शन की आवश्यकता है, तो यह कार्यक्रम आपके लिए है।’’
इसके तहत 2 उद्यमियों को प्रोटोटाइप सत्यापन और विकास अनुदान के लिए 4 लाख रुपए की पेशकश की जाएगी और इसी तरह 2 स्टार्टअप को प्रोडक्ट डेवलपमेंट और पायलट रन के लिहाज से 7 लाख रुपए दिए जाएंगे।

कॉहोर्ट को प्रमुख क्षेत्रों जैसे स्वच्छ ऊर्जा, गतिशीलता और परिवहन, कृषि और खाद्य प्रणाली, बंदरगाह और नौवहन, हरित भवन और शहर और सर्कुलर इकोनाॅमी पर ध्यान केंद्रित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। प्रत्येक फोकस क्षेत्र उपरोक्त चुनौतियों के दुष्परिणामों को लक्षित करेगा और इन चुनौतियों से निपटने के उद्देश्य से इनोवेटिव साॅल्यूशन की तलाश करेगा।

पात्रता

कम से कम दो सदस्यों या दो लोगों के साथ काम करने वाला स्टार्टअप जो काॅमर्शियल तौर पर व्यावहारिक हो और जो जलवायु प्रभाव के लिए उच्च क्षमता वाली नई तकनीक या सेवा पर केंद्रित हों।
ऐसे स्टार्टअप जो क्लाइमेट चेंज इनोवेशन ग्रांट के लिए उल्लिखित किसी भी समस्या विवरण का समाधान करने में सक्षम हो।
कोर वैल्यू प्रीपोजिशन डिजिटल और नाॅन-डिजिटल समाधानों पर आधारित हो सकते हैं।
आपका समाधान इन चरणों में से किसी एक पर है- प्रूफ आॅफ काॅन्सेप्ट/प्रोटोटाइप डेवलपमेंट/टेस्टेड प्रोटोटाइप/तैयार एमवीपी और एक रोडमैप।
साॅल्यूशन ऐसा हो जिसे एक बार विकसित हो जाने के बाद जल्दी से बाजार में उतारा जा सके और जिसमें लागू किए जाने की क्षमता हो।
ऐसे इनोवेटिव आइडियाज को प्राथमिकता दी जाएगी जिनके लिए पेटेंट पहले ही दायर किया जा चुका है या भविष्य में दायर किया जा सकता है।

महत्वपूर्ण तिथियाँ

आवेदन शुरू करने की तिथि – 10 जनवरी, 2022
आवेदन की अंतिम तिथि – 10 फरवरी, 2022
आवेदनों का मूल्यांकन – 14 फरवरी- 25 फरवरी, 2022
स्टार्टअप आइडिया प्रेजेंटेशन – 1 मार्च, 2022
चयनित स्टार्ट-अप आइडियाज की घोषणा – 7 मार्च, 2022
स्टार्ट-अप इनक्यूबेशन और ऑनबोर्डिंग – 10 मार्च, 2022

अधिक जानकारी के लिए देखें- https://iimuic.org/tide-2.0-climate-change-innovation-grant

About Manish Mathur