वाइब्रेंट गुजरात की सफलता को आगे बढ़ाते हुए, मारवाड़ी यूनिवर्सिटी वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस (VGRC) की मेज़बानी करने जा रही है। गुजरात सरकार द्वारा आयोजित यह कॉन्फ्रेंस 11 से 12 जनवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा। सौराष्ट्र ही नहीं बल्कि पूरे गुजरात को शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक पहचान दिलाने के उद्देश्य से, यूनिवर्सिटी ने शिक्षा विभाग, गुजरात सरकार को ₹1,000 करोड़ के निवेश का एमओयू प्रस्ताव सौंपा है। प्रस्तावित निवेश के तहत अत्याधुनिक शैक्षणिक ढांचे का विकास किया जाएगा, जिसमें उन्नत प्रयोगशालाओं वाले नए शैक्षणिक ब्लॉक, आधुनिक खेल सुविधाएं और नेक्स्ट–जेनरेशन हॉस्टल शामिल हैं। इसके अलावा, नवाचार और स्टार्ट–अप्स के लिए 10,000 वर्ग फुट का एक समर्पित केंद्र स्थापित किया जाएगा, साथ ही कार्यरत पेशेवरों और उद्यमियों के लिए सतत शिक्षा हेतु एक अलग अकादमिक ब्लॉक भी विकसित किया जाएगा।
“वोकल फॉर लोकल” की थीम को साकार करते हुए, वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस का आयोजन गुजरात के चार ज़ोन — उत्तर, सौराष्ट्र–कच्छ, दक्षिण और मध्य गुजरात — में किया जाएगा। इस आयोजन में जापान, दक्षिण कोरिया, वियतनाम और नीदरलैंड जैसे देशों की वैश्विक भागीदारी के साथ–साथ JETRO, ICBC, USISPF, वर्ल्ड बैंक और रूसी फेडरेशन जैसे प्रतिष्ठित संगठनों की सहभागिता भी देखने को मिलेगी।
वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस के आयोजन को लेकर , ध्रुव मारवाड़ी, ट्रस्टी, मारवाड़ी यूनिवर्सिटी ने कहा, “कच्छ–सौराष्ट्र क्षेत्र के लिए वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस की मेज़बानी करना हमारे लिए गर्व की बात है। नवाचार, उद्योग सहभागिता और कौशल विकास से जुड़ा संस्थान होने के नाते, हम स्थानीय उद्यमों, स्टार्ट–अप्स, सरकारी संस्थाओं और वैश्विक निवेशकों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने का एक मजबूत मंच प्रदान कर रहे हैं। हमारा उद्देश्य गुजरात की विकास गाथा को निरंतर आगे बढ़ाना और विकसित भारत के विज़न में योगदान देना है।”
मारवाड़ी यूनिवर्सिटी के प्रोवोस्ट आर.बी. जडेजा,, ने कहा, “हमें गुजरात की प्रगति और विकसित भारत@2047 के व्यापक विज़न में योगदान देने पर गर्व है। VGRC स्थानीय क्षमताओं को वैश्विक अवसरों से जोड़ने की सच्ची भावना को दर्शाता है। इस आयोजन की मेज़बानी करना इन सेतुओं को मजबूत करने और गुजरात को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी एवं समावेशी विकास इंजन के रूप में स्थापित करने की हमारी प्रतिबद्धता है।”
दो दिवसीय इस रीजनल कॉन्फ्रेंस के दौरान सेमिनार, प्रदर्शनी, एमओयू हस्ताक्षर, B2B-B2G बैठकें, बायर–सेलर मीट और वेंडर डेवलपमेंट कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। एजेंडे में एआई, डिजिटल मार्केटिंग, सस्टेनेबिलिटी, सर्कुलर इकोनॉमी, ऑटो एवं प्रिसिजन इंजीनियरिंग जैसे विषय शामिल होंगे।
वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के 10 सफल संस्करणों की विरासत से प्रेरित यह आयोजन गुजरात को वैश्विक निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करेगा और राज्य के समग्र आर्थिक विकास को नई गति देगा। MSMEs, स्टार्ट–अप्स, कौशल विकास, पर्यटन, संस्कृति और फूड प्रोसेसिंग जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष फोकस के साथ, यह सम्मेलन विकसित भारत@2047 और विकसित गुजरात@2047 के विज़न के अनुरूप है।
पत्रिका जगत Positive Journalism