77 वे गणतंत्र दिवस के अवसर पर झालावाड़ के डॉ अरविंद नागर राज्य स्तरीय कार्यक्रम में हुए सम्मानित

जयपुर 28 जनवरी  2026  झालावाड़ के लिए यह अत्यंत गर्व का विषय है कि डिप्टी सीएमएचओ(FW), डॉ अरविंद नागर को 26 जनवरी 2026 को उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया यह सम्मान उन्हें NQAS (National Quality Assurance Standards) कार्यक्रम के अंतर्गत पूरे राज्य में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रदान किया जा रहा है।

पिछले एक वर्ष के भीतर ही उनके कुशल नेतृत्व एवं सतत मार्गदर्शन में जिले ने 36 स्वास्थ्य संस्थानों को NQAS में राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित कराया है।

इनमें—
26 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (HWC) पूर्ण रूप से राष्ट्रीय प्रमाणित
6 हेल्थ फैसिलिटी कंडीशनली प्रमाणित
4 PHC राष्ट्रीय प्रमाणित
शामिल हैं।
साथ ही 57 स्वास्थ्य संस्थायें राज्य स्तर पर प्रमाणित हुई हे। जिसमें 38 आयुष्मान आरोग्य मंदिर उपस्वास्थ्य केंद्र, 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 7 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल है।

जिले को राष्ट्रीय स्तर द्वारा निर्धारित लक्ष्यानुरूप मार्च 2026 तक 50 प्रतिशत संस्थाओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणन करवाने का लक्ष्य है जिसको अर्जित करने के बहुत करीब है वर्तमान में कुल मिलाकर एक वर्ष मे ज़िले की 45% स्वास्थ्य संस्थाओ कों NQAS मे प्रमाणित करवाया जा चुका है।

एक वर्ष पूर्व झालावाड़ जिला राज्य स्तर की रैंकिंग में अंतिम 5 वे पायदान में था परंतु डॉ नागर द्वारा कार्यक्रम की सफलता के लिए सर्वप्रथम जिला स्तर पर रुचि रखने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों की एक मजबूत टीम क्वालिटी सेल का गठन किया गया तथा टीम को मजबूत तथा गुणवतापूर्ण बनाने के लिए डॉ नागर द्वारा स्वयं के स्तर पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया इसके पश्चात कुछ चयनित सब-सेंटर्स को लक्ष्य बनाकर उन्हें पहले राज्य स्तर पर एवं तत्पश्चात राष्ट्रीय प्रमाणन दिलाया गया। इन प्रमाणित संस्थानों के CHO को मेंटर के रूप में विकसित किया गया, ताकि वे अन्य सब-सेंटर्स को भी राष्ट्रीय प्रमाणन की ओर अग्रसर कर सकें
डॉ नागर यही नहीं रुके उनके द्वारा NQAS कार्यक्रम को जिला स्तर से ब्लॉक स्तर तक प्रभावी रूप से लागू किया गया तथा फील्ड स्तर पर स्वयं के द्वारा लगातार मॉनिटरिंग एवं प्रोग्राम के तहत चयनित फैसिलिटी का स्वयं के द्वारा निरीक्षण कर आवश्यक सुधार करवाना एवं आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करवाना एवं समस्त जिले में कर्मचारियों में इस कार्यक्रम के प्रति ऊर्जा का संचार किया ताकि कार्यक्रम प्रभावी रूप से सतत चलता रहे और ब्लॉक क्वालिटी सेल के माध्यम से इस कार्यक्रम को सब-सेंटर एवं PHC स्तर तक सफलतापूर्वक पहुंचाया गया, जिससे जमीनी स्तर पर गुणवत्ता में व्यापक सुधार संभव हुआ। आज भी डॉ नागर हर सप्ताह कार्ययोजना तैयार कर फैसिलिटी विजिट लगातार कर रहे है ताकि राष्ट्रीय स्तर पर झालावाड़ जिले की एक अलग पहचान बनाई जा सके एवं स्वास्थ्य सेवाओं को ओर मजबूत पर सुदृढ़ बनाया जा सके जिससे सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ ओर अच्छा इलाज प्रत्येक व्यक्ति को मिल सके एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव संभव हो सके।

इसी क्रम में PHC स्तर पर भी जिला गुणवत्ता सेल के माध्यम से डायरेक्ट मॉनिटरिंग, नियमित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) एवं ट्रेनिंग आयोजित कर PHC को NQAS के लिए तैयार किया गया।

PHC स्तर पर आने वाली BMW एवं Fire NOC जैसी समस्याओं को DHS में जिला कलेक्टर के समक्ष चर्चा कर प्रभावी रूप से समाधान कराया गया, जिससे PHC के लिए राष्ट्रीय प्रमाणन की प्रक्रिया को सरल बनाया जा सका।

जिले के लगभग 120 मेडिकल स्टाफ को NQAS की SPT ट्रेनिंग के माध्यम से इस कार्यक्रम से पूर्ण रूप से ओरिएंट किया गया तथा उन्हें मेंटर के रूप में कार्य में लिया गया।

इन सभी नवाचारों, टीमवर्क एवं प्रभावी प्रबंधन के परिणामस्वरूप आज जिला झालावाड़ राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन कार्यक्रम में पूरे राज्य में प्रथम स्थान पर है।

यह सम्मान न केवल उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (परिवार कल्याण) के लिए बल्कि पूरे जिला स्वास्थ्य तंत्र एवं समस्त स्वास्थ्य कर्मियों के लिए प्रेरणास्रोत है।

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