सुरक्षा से ज्यादा ‘मिथक’ बने बाधा: भारत में कंडोम उपयोग दर चिंताजनक – वेंकटेश्वर याडलपल्ली, प्रमुख – आरएंडडी, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड

जयपुर, 13 फरवरी 2026 – भारत में कंडोम की कम उपयोग दर का कारण उनकी उपलब्धता नहीं, बल्कि उनसे जुड़ी सामाजिक झिझक, मिथक और चुप्पी है। विशेषज्ञों के अनुसार, सही और नियमित उपयोग से कंडोम अनचाही गर्भावस्था और यौन संचारित संक्रमणों (STIs) से प्रभावी सुरक्षा प्रदान करते हैं, फिर भी देश में उपयोग दर केवल 9.5% है। ‘कंडोमोलॉजी रिपोर्ट 2021’ बताती है कि 64% पुरुष मानते हैं कि कंडोम से आनंद कम होता है, जबकि कई लोग इसे केवल अस्थायी संबंधों से जोड़कर देखते हैं।

वेंकटेश्वर याडलपल्ली, प्रमुख – आरएंडडी, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड ने बताया की विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक कंडोम सुरक्षित, गुणवत्ता परीक्षण किए हुए और विभिन्न विकल्पों में उपलब्ध हैं, जो सुरक्षा के साथ संतुष्टि भी बढ़ाते हैं। सही जानकारी, खुली बातचीत और झिझक छोड़कर सुरक्षा अपनाना ही स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की कुंजी है।

वर्ष 2021 की ‘कंडोमोलॉजी रिपोर्ट’ भारत में कंडोम के उपयोग से जुड़े मनोवैज्ञानिक पहलुओं पर प्रकाश डालने वाला अपनी तरह का पहला विस्तृत अध्ययन है। यह रिपोर्ट एक दिलचस्प विरोधाभास को रेखांकित करती है कि आज डेटिंग ऐप्स के बढ़ते चलन और यौन स्वास्थ्य पर अधिक खुली चर्चाओं के बावजूद, कंडोम से जुड़ी सामाजिक भ्रांतियां अब भी मजबूती से टिकी हुई हैं।

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