चण्डीगढ़ में सीपीडीएल ने पूरा किया एक साल

चण्डीगढ़3 फरवरी,2026:  लोड शैडिंग में उल्लेखनीय कमी लाते हुए चण्डीगढ़ पावर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड ने 31 जनवरी 2026 को अपने संचालन का एक साल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, जो शहर के पावर डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को स्थिर, आधुनिक एवं भविष्य के अनुकूल बनाने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति को दर्शाता है। इसी के साथ केन्द्र शासित प्रदेश के प्रशासन ने फाइनल इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफर स्कीम की अधिसूचना भी दी है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 (अप्रैल-जनवरी ईयर-टू-डेट) में युटिलिटी, लोड शैडिंग की घटनाओं में तकरीबन 86 फीसदी कमी लाई है, जिससे आउटेज 1276 से कम होकर 179 पर आ गया है।

सर्दी की चरम अवधि के दौरान फायदा सबसे स्पष्ट रूप से दिखाई दिया, दिसम्बर 2025 में सिस्टम एवरेज इंटरप्शन फ्रिक्वेन्सी इंडैक्स (SAIFI) में 43 फीसदी की कमी दर्ज की गई, जो इंटरप्शन फ्रिक्वेंसी का मुख्य संकेतक है। इसी तरह सिस्टम एवरेज इंटरप्शन ड्यूरेशन इंडैक्स (SAIDI) में भी 53 फीसदी की कमी आई है, जो आउटेज की अवधि को मापता है।

पहले ही दिन से सीपीडीएल ने डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को अपग्रेड कर निर्बाध आपूर्ति को प्राथमिकता दी। गड़बड़ी की मरम्मत करने वाली टीमों ने संचालन में सहयोग प्रदान किया, उन्होंने 24/7 सेंट्रल कमांड सेंटर के साथ मिलाकर काम करते हुए रियल-टाईम मॉनिटरिंग एवं फास्ट रीस्टोरेशन को सुनिश्चित किया। बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए सीपीडीएल ने साल के दौरान अपनी असेट्स बढ़ाईं, इसके तहत आईटी पार्क, इंडस्ट्रियल एरिया फेज़ 1 और 2 तथा सेक्टर- 52 में 20एमवीए पावर के चार ट्रांसफॉर्म्स के ज़रिए क्षमता को 80एमवीए बढ़ाया गया। इसके अलावा 52 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉमर्स से विभिन्न डिविज़नों में 17.02 एमवीए अतिरिक्त क्षमता को शामिल किया गया।

इन अपग्रेड्स को प्रीवेन्टिव मेंटेनेन्स के द्वारा मजबूत बनाया गया, जिसमें वियर लिंक्स का रिप्लेसमेन्ट, थर्मो-स्कैनिंग, पार्शल डिस्चार्ज टेस्टिंग, ऑयल टॉप-अप्स एवं व्यवस्थित तरीके से पेड़ों के छंटाई की गई। कुल मिलाकर नेटवर्क को ब्रेकडाउन होने पर प्रतिक्रिया देने के बजाए सक्रिय एवं भरोसेमंद प्रबन्धन में बदला गया।

इस उपलब्धि पर बात करते हुए अरूण कुमार वर्मा, डायरेक्टर, सीपीडीएल ने कहा, ‘‘पहले साल के दौरान हमने बुनियादी चीज़ों को ठीक करने, निरंतरता बनाए रखने, नेटवर्क में लम्बे समय से चली आ रही समस्याओं को हल करने तथा हर दिन सिस्टम को ज़्यादा भरोसेमंद बनाने के लिए काम किया। इसी समेकित एवं डेटा-उन्मुख दृष्टिकोण के परिणाम लोड शैडिंग में बहुत अधिक कमी, नेटवर्क के मजबूत परफोर्मेन्स, डिजिटल कन्ज़्यूमर सर्विसेज़ के विस्तार, कार्यबल के सशक्तीकरण और सस्टेनेबल एनर्जी के सक्रिय संवर्धन के रूप में सामने आए हैं।”

50-लाईन के 24/7 कॉल सेंटर की शुरूआत के द्वारा कस्टमर सर्विस को सशक्त बनाने पर विशेष ज़ोर दिया गया, ताकि उपभोक्ताओं की समस्याओं और सवालों को जल्द से जल्द हल किया जा सके। सीपीडीएल जल्द ही मोबाइल ऐप का लॉन्च भी करने जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं की बिजली से संबंधित सभी ज़रूरतों डिजिटल तरीके से पूरी हो सकेंगी जैसे शिकायत दर्ज करना, आउटेज नोटिफिकेशन, बिल का भुगतान, डुप्लीकेट बिल और बिजली की खपत पर निगरानी रखना। इसके अलावा व्हॉट्सऐप आधारित सर्विसेज़ भी शुरू की गई है, जिससे उपभोक्ताओं के लिए शिकायत दर्ज करना और डुप्लीकेट बिल डाउनलोड करना आसान हो जाएगा।

इसके अलावा विनियामक निर्देशों को ध्यान में रखते हुए सीपीडीएल ने जनवरी 2026 से मासिक बिलिंग प्रक्रिया भी शुरू की है, जिसका लम्बे समय से इंतज़ार किया जा रहा था। साथ ही फ्रंटलाईन फील्ड रोल्स जैसे मीटर रीडिंग और बिल वितरण के लिए महिला स्टाफ की भर्ती की गई है।

साल के दौरान 6632 नए बिजली के कनेक्शन जारी किए गए, इनमें से ज़्यादातर कनेक्शन भुगतान के तीन दिनों के अंतर उपलब्ध कराए गए, इस तरह टर्नअराउंड टाईम में काफी कमी आई है। लोगों के सुविधा के लिए विभिन्न लोकेशनों पर नए कनेक्शन कैम्प लगाए गए, जहां 1154 नए आवेदन प्राप्त हुए और तुरंत कनेक्शन जारी किए गए।

सीपीडीएल के पहले साल के रूपान्तरण में टेक्नोलॉजी के अडॉप्शन को सबसे ज़्यादा महत्व दिया गया है। इंटेलीजेन्ट आउटेज मैनेजमेन्ट सिस्टम की शुरूआत, SCADA संचालन के विस्तार और एआई-आधारित फोटो मीटर रीडिंग के कारण मॉनिटरिंग ज़्यादा सटीक हो गई है और अनुमान पर निर्भरता कम हुई है। तकरीबन 7000 खराब मीटरों को बदला गया, जिससे प्रोविज़नल बिलिंग में तकरीबन 50 फीसदी कमी आई और बिलिंग प्रक्रिया में सुधार हुआ।

“आने वाले समय में भी बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए सीपीडीएल अपने इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने, टेक्नोलॉजी के उपयोग एवं इनोवेशन को बढ़ावा देने के प्रयास जारी रखेगा। जिससे चण्डीगढ़ के शहरी विकास और शहर के ऊर्जा रूपान्तरण एवं डिजिटलीकरण के लक्ष्यों को समर्थन मिलेगा।”, डायरेक्टर ने कहा।

इस बीच, नियमित मेंटेंनेन्स अभियानों के द्वारा आगामी गर्मियों के सीज़न के लिए तैयारी भी जारी है।

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