जयपुर, 16 अप्रैल 2026: मोबाइल की बढ़ती लत जब पढ़ाई में बाधा बनने लगी, तब माता-पिता की डांट ने तिथि जगड़ की जिंदगी की दिशा बदल दी। तिथि ने खुद को संभाला, मोबाइल तोड़ दिया और पूरी तरह पढ़ाई पर फोकस कर लिया। इसी अनुशासन और तार्किक मेहनत के बल पर तिथि ने CBSE 10वीं बोर्ड परीक्षा में 96% अंक हासिल कर शानदार सफलता दर्ज की। परिवार का कहना है कि उन्होंने हमेशा तिथि को नंबर्स के पीछे भागने के बजाय समझदारी, निरंतरता और ईमानदार मेहनत पर भरोसा रखना सिखाया।
तिथि को लेखिका और समाजसेवी सुधा मूर्ति की कहानियोंने भी गहराई से प्रेरित किया। खासकर ‘द डे आई स्टॉप्ड ड्रिंकिंग मिल्क’ की कहानी ने उनके भीतर संवेदनशीलता और समाज के लिए कुछ करने का भाव मजबूत किया। इसी प्रेरणा से तिथि ने जीवनभर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को मुफ्त ट्यूशन पढ़ाने का संकल्प लिया है। तिथि की यह सफलता सिर्फ अंकों की उपलब्धि नहीं, बल्कि आत्मअनुशासन, सही मार्गदर्शन और सामाजिक सोच की एक प्रेरक मिसाल बन गई है।
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