विजया एकादशी आज – क्या करें, क्या न करें — संजय शर्मा, टैरोकार्ड रीडर की विशेष सलाह

जयपुर। हिंदू धर्म में विजया एकादशी का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से जीवन की बाधाएँ दूर होती हैं तथा सफलता के मार्ग खुलते हैं। टैरोकार्ड रीडर संजय शर्मा के अनुसार, विजया एकादशी आत्मशुद्धि, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक उन्नति का महत्वपूर्ण अवसर है।

क्या करें

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान कर भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करें।
  • व्रत रखें और दिनभर सात्विक भोजन व फलाहार का सेवन करें।
  • “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें।
  • जरूरतमंदों को दान दें — खासकर अन्न, वस्त्र और पीली वस्तुएँ।
  • ध्यान और प्रार्थना के माध्यम से मन को शांत रखें।

क्या न करें

  • तामसिक भोजन, मांसाहार और नशे से दूर रहें।
  • झूठ बोलने, विवाद करने या किसी का अपमान करने से बचें।
  • क्रोध और नकारात्मक विचारों को मन में न आने दें।
  • बिना वजह खर्च या अनैतिक कार्यों से दूरी बनाए रखें।

विजया एकादशी पर क्या खाएं – क्या नहीं खाएं (व्रत नियम)

✅ क्या खा सकते हैं (फलाहार / व्रत आहार)

  • फल: केला, सेब, पपीता, अनार, संतरा

  • सूखे मेवे: बादाम, काजू, किशमिश, मखाना

  • साबूदाना (खिचड़ी/खीर)

  • कुट्टू या सिंघाड़े के आटे की रोटी/पूरी

  • आलू, शकरकंद, अरबी (सेंधा नमक के साथ)

  • दूध, दही, छाछ, पनीर

  • नारियल पानी, नींबू पानी

❌ क्या नहीं खाना चाहिए

  • चावल, गेहूं, दालें और सामान्य अनाज

  • प्याज, लहसुन

  • मांसाहार, अंडा

  • सामान्य नमक (सिर्फ सेंधा नमक लें)

  • तला-भुना, जंक फूड

  • शराब, तंबाकू और नशे की चीजें

आध्यात्मिक संदेश

संजय शर्मा के अनुसार, विजया एकादशी केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि आत्मचिंतन और सकारात्मक बदलाव का दिन है। इस दिन किए गए संकल्प और सत्कर्म जीवन में नई ऊर्जा और सफलता ला सकते हैं।

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