लिवर, एचपीबी सर्जन्स की अंतराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस ‘आईएचपीबीए 2026’ शुरू

जयपुर 27 फरवरी 2026। विश्व भर से आए सैकड़ों लिवर, हेपेटो, पैंक्रियाटो बिलियरी सर्जंस की तीन दिवसीय कॉन्फ्रेंस गुरुवार को यहां शुरू हुई। कॉन्फ्रेंस चेयरमैन डॉ नैमिष एन मेहता ने बताया कि यह तीन दिवसीय सम्मेलन द्वितीय लिवर समिट के साथ महात्मा गांधी मेडिकल यूनिवर्सिटी के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।

कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद श्री घनश्याम तिवाड़ी थे तथा अध्यक्षता महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी के संस्थापक चेयरमैन डॉ एम एल स्वर्णकार ने की।

वैज्ञानिक सत्र में मुख्य संबोधन में बर्मिंघम इंग्लैंड के सुप्रसिद्ध लिवर ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ डेरिस मिर्जा ने कहा कि भारत में लिवर ट्रांसप्लांट के लिए अंगदान की प्रवृत्ति अभी भी इंग्लैंड की अपेक्षा कम है। जहां 90% ट्रांसप्लांट कैडेवर डोनेशन के जरिए किया जा रहे हैं। देखने में आ रहा है कि यहां लिवर फेलियर के मामलों में उपचार में देरी हो रही है नतीजन रोगी ट्रांसप्लांट करा ही नहीं पाते हैं जबकि इंग्लैंड में बीमारी की पहचान शुरू में ही की जाती है। डॉ मिर्ज़ा कॉन्फ्रेंस में पहले दिन संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उपचार में देरी से जहां सर्जन की चुनौती बढ़ती है वही इससे सफलता दर भी प्रभावित होती है। डॉ मिर्जा ने बताया कि जीनोमिक अंगों के प्रत्यारोपण की दिशा में रिसर्च चल रही है। अभी इसमें समय लगेगा। भारत में लिवर की खराबी के पेशेंट बहुत है इनको उपचार में आर्थिक सहयोग की जरूरत है इसके लिए सरकार, कॉरपोरेट्स, एवं समाज सेवी संस्थाओं को आगे आना होगा। को फ्रेस में डॉ पुनीत धर, डॉ बीजू, डॉ सुब्रह्मण्यम,

दक्षिण कोरिया के प्रो. जिन यांग जैंग, सिंगापुर के प्रो. ग्लेन के बोनी, जापान के प्रो. तियागा वाकबायशी, सिंगापुर के प्रो. विशाल शैले, दक्षिण कोरिया के प्रो. हायसोल जंग, तथा अमेरिका के प्रो. चंद्र भाटी सहित कई अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ शामिल हुए।

कॉन्फ्रेंस के पहले दिन पित्ताशय रोग, पैंक्रियाटाइटिस, लिवर सर्जरी, बाइल डक्ट इंजरी तथा मिनिमली इनवेसिव व रोबोटिक पेट, लिवर व आंत सर्जरी पर वैज्ञानिक सत्र आयोजित हुए। सुरक्षित कोलेसिस्टेक्टॉमी, एडवांस्ड पैंक्रियाटिक नेक्रोसेक्टॉमी, क्रॉनिक पैंक्रियाटाइटिस मेंस प्रबंधन और हेपेटोसेलुलर कार्सिनोमा के उपचार में एआई आधारित सर्जिकल प्लानिंग पर चर्चा की गई।

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