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जेएसडब्ल्यू सीमेंट ने उत्तरी भारत में प्रवेश के साथ बढ़ाया अपने विस्तार का दायरा

मुंबई/नागौर (राजस्थान), 20 मार्च, 2026: भारत की अग्रणी पर्यावरण अनुकूल सीमेंट उत्पादक और विविधीकृत जेएसडब्ल्यू समूह की अंग, जेएसडब्ल्यू सीमेंट ने आज अपने राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार के लिहाज़ से उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने राजस्थान के नागौर जिले में स्थित अपने अत्याधुनिक, ग्रीनफील्ड, एकीकृत सीमेंट विनिर्माण संयंत्र में उत्पादन शुरू कर दिया है। यह उत्तरी भारत में कंपनी का इस तरह की पहला संयंत्र है।

उत्तरी क्षेत्र में इस नए संयंत्र के साथ, कंपनी की कुल सीमेंट ग्राइंडिंग क्षमता अब 24.1 एमटीपीए और कुल क्लिंकर निर्माण क्षमता (कंपनी के संयुक्त उद्यम, जेएसडब्ल्यू सीमेंट एफज़ेडसी की क्लिंकर क्षमता सहित) 9.74 एमटीपीए हो गई है।

नागौर एकीकृत संयंत्र में 3.30 एमटीपीए की क्लिंकर बनाने वाली इकाई और 2.50 एमटीपीए की सीमेंट ग्राइंडिंग इकाई है। इसके अलावा, यहां 1.00 एमटीपीए की एक अतिरिक्त सीमेंट ग्राइंडिंग इकाई का भी निर्माण हो रहा है। रणनीतिक रूप से स्थित यह संयंत्र राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के तेज़ी से बढ़ते बाज़ारों की ज़रूरतों को पूरा कर सकता है।

नागौर इकाई के लिए वित्तपोषण इक्विटी और दीर्घकालिक ऋण के रणनीतिक मिश्रण के ज़रिये किया गया है। कंपनी ने अपनी आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) के फ्रेश इशू के ज़रिये जुटाई गई पूंजी में से ₹800 करोड़ का आवंटन इस इकाई के आंशिक वित्तपोषण के लिए किया था।

जेएसडब्ल्यू सीमेंट के प्रबंध निदेशक, श्री पार्थ जिंदल ने आज इसकी घोषणा करते हुए कहा: “राजस्थान के नागौर में हमारी फैक्टरी में उत्पादन शुरू होना जेएसडब्ल्यू सीमेंट के लिए उल्लेखनीय उपलब्धि है। हमने अपने आईपीओ के दौरान बताया था कि हम कंपनी को राष्ट्रीय स्तर पर विशाल कंपनी बनाने के लिए मज़बूती से आगे बढ़ाना चाहते हैं, और इस नई फैक्टरी के चालू होने के साथ कंपनी तेज़ी से विस्तृत होते उत्तरी भारत के बाज़ार में कदम रख रही है। हम इस इलाके की बढ़ती ज़रूरतों को पूरा करने और राजस्थान, हरियाणा, पंजाब तथा एनसीआर क्षेत्र की आर्थिक तरक्की में अपना योगदान देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। मुझे इस बात की बहुत खुशी है कि कंपनी सिर्फ 21 महीनों के अंदर ही इस नई और पूरी तरह से एकीकृत इकाई चालू करने में कामयाब रही, जिससे हमारी परियोजना को पूरा करने की क्षमता ज़ाहिर होती है। कंपनी, इस नई इकाई के शुरू होने के साथ, वित्त वर्ष ‘29 तक या उससे पहले 41.85 एमटीपीए की उत्पादन क्षमता हासिल करने के अपने लक्ष्य की ओर मज़बूती से आगे बढ़ रही है।”

जेएसडब्ल्यू सीमेंट के मुख्य कार्यकारी, श्री नीलेश नर्वेकर ने आगे कहा, “तेज़ी से बढ़ते उत्तरी भारत के बाज़ार में कदम रखना हमारी अहम रणनीति है। इन राज्यों में इस समय सबसे अधिक वृद्धि दर देखने को मिल रही है और यहां बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे का विकास हो रहा है। हम नागौर फैक्टरी के ज़रिए, अपने ग्राहकों को बेहतरीन गुणवत्ता वाला, पर्यावरण अनुकूल सीमेंट और विश्व स्तरीय सेवा प्रदान करना चाहते हैं, साथ ही दुनिया की सबसे अधिक वहनीय सीमेंट बनाने वाली कंपनियों में से एक के तौर पर अपनी जगह बनाए रखना चाहते हैं। कंपनी, इस विस्तार के साथ, भारत में 41.85 एमटीपीए की अपनी मध्यम अवधि की क्षमता के लक्ष्य और 60 एमटीपीए की क्षमता हासिल करने के अपने दीर्घकालिक दृष्टिकोण के और भी करीब पहुंच रही है।”

इस संयंत्र को वहनीय विनिर्माण के बेहतरीन मॉडल के तौर पर तैयार किया गया है। इस फैक्टरी की भट्टी में दूसरे तरह के ईंधनों का इस्तेमाल करने की सुविधा है, और खदानों से चूना पत्थर लाने के लिए 7 किलोमीटर लंबा ‘ओवरलैंड बेल्ट कन्वेयर’ लगाया गया है, जिससे सड़क के रास्ते होने वाले परिवहन से पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रतिकूल असर को कम किया जा सके। इस विश्व स्तरीय संयंत्र में जल्द ही 16 मेगावाट का ‘वेस्ट हीट रिकवरी सिस्टम’ (डब्ल्यूएचआरएस) होगा, जो उत्पादन के दौरान निकलने वाली गर्मी को इकट्ठा कर उसका दोबारा इस्तेमाल करेगा, जिससे संयंत्र का ‘कार्बन फ़ुटप्रिंट’ काफी हद तक कम होगा।

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