डिजिटल नवाचारों के जरिए आगे बढ़ते हुए

Edit-Rashmi Sharma

जयपुर 15 सितम्बर 2020 – कोविड-19 का प्रकोप सभी के लिए चुनौतीपूर्ण संकट रहा है और यह कहा जाता है कि यह महामारी आधुनिक इतिहास की एक विभाजनकारी घटना साबित होगी। अभी हम जिस दुनिया में जी रहे हैं, वह हमारी पहले की दुनिया से बिल्‍कुल अलग है। ऐसा पूर्वानुमान है कि इस महामारी के चलते नये नॉर्मल के अनुसार जीना शुरू करने के साथ, ‘उपभोक्‍ताओं’ का डिजिटल बैंकिंग व्‍यवहार पूरी तरह से बदल जायेगा, और परिणामस्‍वरूप, बैंकिंग का स्‍वरूप बदल जायेगा।

डिजिटज तकनीकों में लगातार हो रहे नवाचार का बैंकों एवं उनकी कार्य-प्रक्रियाओं पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। बैंकों को अब अपूर्व रूप से पूर्णत: नयी फ्रिक्‍वेंसी में काम करना होगा, जिसका स्‍वरूप फिजिकल-डिजिटल (फिजिटल) होगा। अलग-अलग ग्राहकों एवं उनकी अलग-अलग आवश्‍यकताओं के अलावा, इस महामारी ने डिजिटल क्रांति पैदा कर दी है और इसने पिछले तीन महीनों में बैंकिंग इंडस्‍ट्री के कार्य करने के तरीके को बदल दिया है।

कैशलेस अर्थव्‍यवस्‍था से लेकर कॉन्‍टैक्‍टलेस कार्ड्स, डिजिटल बैंकिंग में नवाचार ने हमें इस कदर सुविधाएं प्रदान की है ताकि हमें कोविड के प्रकोप के मद्देनजर बैंकिंग जरूरतों के लिए घर से बाहर कम-से-कम निकलना पड़े। ग्राहकों के लिए बेहतर अनुभव एवं सुविधा सुनिश्चित करने हेतु, इंडसइंड बैंक ने अपने बचत खाता व क्रेडिट कार्ड ग्राहकों के लिए वीडियो केवाईसी सुविधा हाल ही में शुरू की है। बचत खाता खोलने या बैंक के क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करने के इच्‍छुक नये ग्राहकों के लिए इस सुविधा ने प्रक्रिया को आसान कर दिया है। अब, ग्राहक लाइव वीडियो-आधारित इंटरफेस के जरिए बैंक से जुड़ने की समग्र प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं, और इस प्रकार, दस्‍तावेजों के भौतिक सत्‍यापन जैसी किसी मौजूदा प्रक्रिया की जरूरत नहीं रह जाती है।

‘ग्राहकों की संतुष्टि’ के मंत्र पर प्रमुखता से जोर देते हुए, इंडसइंड बैंक ने अपने तरह के पहले सहाय्यित मोबाइल एप्लिकेशन-आधारित सुविधा शुरू की, जिसके जरिए स्‍वरोजगारी व्‍यक्ति और बिजनेस मात्र कुछ घंटों के भीतर ही बैंक में चालू खाता खोल सकते हैं। यह बिजनेसेज के लिए बैंकिंग के सबसे मुश्किल हिस्‍से को दूर करता है और खाता खोलने में लगने वाले समय को काफी कम कर देता है।

आरबीआई द्वारा अनुमत इस वीडियो केवाईसी के चलते ग्राहकों को खाता खोलने व ट्रांजेक्‍शंस करने में काफी समय लग रहा है और नये ग्राहक डिजिटल तरीके से साइन-इन कर रहे हैं।

कोविड-पूर्व की तुलना में, इंडसइंड बैंक का जुलाई का डिजिटल ऑन-बोडिंग कम-से-कम 3-गुना अधिक बढ़ गया है। ग्राहक मुख्‍य रूप से बचत और फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट खाते खोल रहे हैं।

बैंक के उत्‍कृष्‍ट ‘इंडस कॉर्पोरेट’ मोबाइल एप्‍प से सुसज्जित, बैंक के अधिकारी अब ग्राहक के घर या परिसर में सुविधाजनक एवं सुरक्षित तरीके से रियल-टाइम आधार पर ग्राहक एवं उनके व्‍यवसायों के बारे में जानकारी कैप्‍चर कर सकते हैं और उसे सत्‍यापित कर सकते हैं। इस एप्‍प में कई ‘एप्लिकेशन प्रोग्राम इंटरफेस’ (एपीआई) को उपयोग में लाया जाता है जिससे अधिकृत सरकारी प्‍लेटफॉर्म्‍स से केवाईसी दस्‍तावेजों का सुरक्षित तरीके से सत्‍यापन किया जा सकता है। इस सुविधा के जरिए प्रोप्रायटरशिप, पार्टनरशिप, प्राइवेट एवं पब्लिक लिमिटेड कंपनी सहित अन्‍य सभी तरह के व्‍यवसायों के लिए चालू खाते खोले जा सकते हैं।

इतना ही नहीं, बल्कि ग्राहकों को डेस्कटॉप, लैपटॉप, मोबाइल फोन, और टैबलेट जैसे उपकरणों में एक बेहतर अनुभव प्रदान करने के लिए बैंक ने हाल ही में अपनी कॉर्पोरेट वेबसाइट को भी नया बनाया है। ग्राहकों के लिए बैंकिंग अनुभव को और बढ़ाने के लिए, बैंक ने सभी ग्राहक टचपॉइंटों के साथ सीआरएमनेक्‍स्‍ट को भी एकीकृत किया। सीआरएमनेक्‍स्‍ट प्लेटफ़ॉर्म इंडसइंड बैंक को एक खुफिया-संचालित कस्टमर एक्शन सेंटर ’के साथ सशक्त करेगा, जो एक स्क्रीन पर कई स्रोतों से प्राप्त किए गए ग्राहकों की पूरी जानकारी प्रदान करेगा। एकीकरण बैंक को ग्राहक की अग्रिम अग्रिमों की अच्छी तरह से आशा करने में सक्षम बनाता है, और व्यक्तिगत रूप से प्रसाद प्रदान करता है, जिससे ग्राहक की वफादारी बढ़ती है।

उपरोक्त तकनीकी प्रगति बैंक के एक डिजिटल बैंक में बदलने के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जो प्रौद्योगिकी के नवीन उपयोग के माध्यम से सक्षम सर्वोत्तम-इन-क्लास बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने पर केंद्रित है।