गोदरेज लॉक्स ने #AgentofSafety कोविड-19 कैम्पेन के दूसरे फेज का अनावरण किया, कोविड-19 वॉरियर्स को सलाम किया

मुंबई, 30 अगस्‍त, 2021: गोदरेज एंड बॉयस ने आज अपने बिजनेस गोदरेज लॉक्‍स द्वारा अपने कोविड-19 #AgentofSafety कैम्‍पेन के दूसरे फेज का अनावरण किए जाने की घोषणा की। गोदरेज एंड बॉयस गोदरेज ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी है। इस पहल के माध्‍यम से गोदरेज लॉक्‍स ने उन कोविड-19 वॉरियर्स को सम्‍मान और धन्‍यवाद दिया, जिन्‍होंने इस कठिन समय में जरूरतमंद लोगों की सुरक्षा का जिम्‍मा लिया था। गोदरेज लॉक्‍स ऐसे ही कुछ असाधारण योद्धाओं तक पहुँचा, ताकि उनकी प्रेरक कहानियाँ साझा कर सके। यह लोग लगातार निस्‍वार्थ भाव से काम कर रहे हैं। इन योद्धाओं द्वारा बताई गई कहानियाँ इनकी पहल और इनके द्वारा किये गये सुरक्षा के उपायों को लोगों के लिये #AgentofSafety के संदेश के साथ प्रकाश में लाती हैं। यह वीडियो स्‍टोरीज www.hargharsurakshit.com पर प्रस्‍तुत की गई हैं। #AgentofSafety गोदरेज लॉक्‍स की एक देशव्‍यापी सार्वजनिक जागरूकता पहल ‘हर घर सुरक्षित’ का हिस्‍सा है जोकि लोगों को सुरक्षा को लेकर सजग बनाती है।

जब कोविड-19 की दूसरी लहर ने भयानक रूप धारण कर लिया था, तब देशभर से लोग आगे आये और जरूरतमंदों की सहायता की। #AgentofSafety कैम्‍पेन के माध्‍यम से गोदरेज लॉक्‍स देशभर के ऐसे लोगों में से कुछ के प्रयासों की सराहना कर रहा है। मुंबई में डॉ. मार्कस रैन्‍ने और डॉ. रैना रैन्‍ने ने महामारी की दूसरी लहर के प्रभाव को बड़े करीब से देखा था और फिर इस पर कुछ करने का फैसला लिया। उन्‍होंने ‘मेड्स फॉर मोर’ नामक एक अनूठी पहल शुरू की, जिसके तहत कोविड की इस्‍तेमाल नहीं हुई दवाइयों को इकट्ठा कर ऐसे मरीजों तक पहुँचाया गया, जो इलाज का खर्च नहीं उठा सकते थे। इस प्रकार सुविधा से वंचित लोगों को वे जीवन-रक्षक दवाइयाँ मिल गईं, जो वैसे उनकी पहुँच में नहीं थीं।

भोपाल के विजय अय्यर की भी ऐसी ही एक प्रेरक कहानी है, जिन्‍होंने अपने टू-व्‍हीलर पर बैठकर घरों का सैनिटाइजेशन किया और लोगों को कोविड-19 से सुरक्षित रहने, इनडोर रहने और सामाजिक संपर्क से बचने का संदेश दिया। दूसरी ओर, ओडिशा के भिबुदत्‍ता पांडा ने अपने आस-पड़ोस में रहने वाले सीनियर सिटिजंस को जरूरी चीजें पहुँचाकर उनकी मदद की और वे अब भी 200 से ज्‍यादा परिवारों की मदद कर रहे हैं। उन्‍होंने दुर्लभ ब्‍लड ग्रुप्‍स की व्‍यवस्‍था सुनिश्चित कर गंभीर मरीजों की जरूरतें पूरी करने के लिये एक ब्‍लड-डोनर डाटाबेस भी बनाया था। जीतो डॉक्‍टर ऑन कॉल के प्रोजेक्‍ट कन्‍वेनर और जीतो चेन्‍नई के डायरेक्‍टर कुमारपाल आर. चोपड़ा ने भी अपनी कहानी बताई कि उन्‍होंने ऑक्‍सीजन ऑन व्‍हील्‍स सर्विस कैसे शुरू की। इस सर्विस के तहत, इस्‍तेमाल नहीं होने वाली बसों को मरीजों के लिये मुफ्त ऑक्‍सीजन की व्‍यवस्‍था के लिये ऑक्‍सीजन कंसेन्‍ट्रेटर्स रखने के लिये मोडिफाई किया गया था।

पटना के एक प्‍लेबैक सिंगर पन्‍ना श्रीमाली ने पीपीई किट पहनकर कोविड के मरीजों को भोजन और दवाओं की आपूर्ति की। वे अप्रैल 2021 से लगातार लोगों की मदद कर रहे हैं और रोजाना 500 कोविड-पॉजिटिव मरीजों और सीनियर सिटिजंस तक पहुँच रहे हैं। अपनी बीमार माँ की देखभाल के लिये अमेरिका से लौटे तरूण कप्‍पाला देश की  स्थिति से बड़े चिंतित थे। उन्‍होंने मूकदर्शक बनने के बजाए मैदान पर उतरने का फैसला किया और कोविड-पॉजिटिव मरीजों को एक मेकशिफ्ट एंबुलेंस से मुफ्त में परिवहन सुविधा देने की जिम्‍मेदारी ली।

इस पहल पर अपनी बात रखते हुए, गोदरेज लॉक्‍स के ईवीपी और बिजनेस हेड श्‍याम मोटवानी ने कहा, ‘’इस साल दूसरी लहर के दौरान, हमने जिन्‍दगी और अर्थव्‍यवस्‍था पर वायरस का भयंकर प्रभाव देखा। हालांकि, हमने यह भी देखा कि लोगों ने पलटकर उभरने का जज्‍बा दिखाया और जरूरतमंदों की मदद के लिये आगे आये। #AgentofSafety कोविड-19 कैम्‍पेन ऐसे नायकों को सराहने का गोदरेज लॉक्‍स का एक छोटा-सा प्रयास है, जिन्‍होंने देश के नागरिकों को सुरक्षित और सूचित रखने की जिम्‍मेदारी ली थी। वे सुरक्षा के अग्रदूत बन गये थे और उन्‍होंने हर दिन सैकड़ों लोगों को वायरस से सुरक्षित रखने में योगदान दिया। इस कठिन समय में, मानवता का एक नया अध्‍याय लिखने के लिये हम इन सभी नायकों को सलाम करते हैं।‘’

 

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