Cars24 और जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने चालान डिफॉल्टर और हाई-रिस्क वाहनों की पहचान के लिए एआई-संचालित प्रवर्तन प्लेटफॉर्म लॉन्च किया

जयपुर, 13 जून, 2026: भारत की अग्रणी ऑटोटेक कंपनी Cars24 ने जयपुर ट्रैफिक पुलिस के साथ साझेदारी में एक एआई-संचालित Vehicle Alert Enforcement System लॉन्च किया है, जिसका उद्देश्य रियल-टाइम इंटेलिजेंस और डेटा-आधारित कार्रवाई के माध्यम से ट्रैफिक प्रवर्तन को मजबूत बनाना है। CrashFree India, जो Cars24 की भारत की सड़कों को अधिक सुरक्षित बनाने की प्रतिबद्धता है, के तहत शुरू की गई यह पहल ट्रैफिक प्रवर्तन को आधुनिक बनाने और सड़क नियमों के अनुपालन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

जयपुर के सबसे व्यस्त ट्रैफिक जंक्शनों में से एक, रामबाग सर्किल पर स्थापित यह सिस्टम ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) तकनीक का उपयोग कर वाहनों के नंबर प्लेट स्कैन करता है और उन्हें चालान रिकॉर्ड तथा प्रवर्तन डेटाबेस से मिलान करता है। इसके बाद अधिकारियों को लंबित चालान वाले वाहनों और अन्य प्रवर्तन श्रेणियों से जुड़े वाहनों के बारे में रियल-टाइम अलर्ट प्राप्त होते हैं, जिससे मौके पर त्वरित कार्रवाई संभव हो पाती है।

प्रारंभिक कार्यान्वयन और वैलिडेशन के दौरान, Vehicle Alert Enforcement System ने 1,241 वाहनों की पहचान की जो निर्धारित प्रवर्तन मानकों पर खरे उतरे। इनमें एक चोरी का वाहन और कई बड़े चालान बकाया वाले वाहन शामिल थे। इनमें से दो वाहनों पर क्रमशः 57 चालानों के साथ ₹1.59 लाख और 32 चालानों के साथ ₹1.19 लाख की बकाया राशि पाई गई, जो शहर में बार-बार होने वाले ट्रैफिक उल्लंघनों की गंभीरता को दर्शाती है।

लॉन्च के बाद सिस्टम को ऐसे वाहनों की पहचान करने के लिए कॉन्फ़िगर किया गया जिन पर ₹20,000 से अधिक का लंबित चालान बकाया हो या 15 से अधिक लंबित चालान हों। इन मानकों के तहत संचालन के पहले ही दिन प्लेटफॉर्म ने 337 वाहनों को चिन्हित किया, जिनमें से 26 वाहनों को जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने सफलतापूर्वक रोका। उल्लेखनीय रूप से, चार वाहन चालकों ने मौके पर ही अपने लंबित चालानों का भुगतान किया, जो यह दर्शाता है कि रियल-टाइम प्रवर्तन तत्काल अनुपालन को बढ़ावा देने में प्रभावी हो सकता है।

यह पहल दर्शाती है कि किस प्रकार तकनीक कानून प्रवर्तन एजेंसियों को प्रतिक्रियात्मक निगरानी से सक्रिय प्रवर्तन की ओर बढ़ने में मदद कर सकती है। अधिकारियों तक सीधे उपयोगी वाहन संबंधी जानकारी पहुंचाकर यह प्लेटफॉर्म बार-बार नियम तोड़ने वालों की तेज़ पहचान और अधिक प्रभावी कार्रवाई को संभव बनाता है।

“सड़क सुरक्षा एक साझा जिम्मेदारी है और तकनीक प्रवर्तन को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। CrashFree India के माध्यम से Cars24 प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर ऐसे समाधान विकसित कर रहा है जो जवाबदेही बढ़ाएं और सुरक्षित ड्राइविंग व्यवहार को प्रोत्साहित करें। जयपुर में यह तैनाती दिखाती है कि रियल-टाइम इंटेलिजेंस किस प्रकार अधिकारियों को तेज़ी से कार्रवाई करने, बार-बार नियम तोड़ने वालों की पहचान करने और सड़कों पर बेहतर अनुपालन सुनिश्चित करने में मदद कर सकती है,” कहा विक्रम चोपड़ा, Founder & Group CEO, Cars24 ने।

जयपुर में यह तैनाती सड़क सुरक्षा को तकनीक, जागरूकता और रणनीतिक साझेदारियों के माध्यम से बेहतर बनाने की Cars24 की व्यापक प्रतिबद्धता का हिस्सा है। CrashFree India के तहत Cars24 देशभर में ट्रैफिक पुलिस, सरकारी एजेंसियों और नागरिक संगठनों के साथ मिलकर ऐसे समाधान विकसित कर रहा है जो सुरक्षित सड़कों और जिम्मेदार ड्राइविंग व्यवहार को बढ़ावा दें।

About Manish Mathur