जयपुर, 01 अप्रेल, 2026: भारत में तंबाकू का सेवन रोके जा सकने वाली मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक बना हुआ है। यह कैंसर, हार्ट अटैक, स्ट्रोक और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों जैसे कई गंभीर रोगों का कारण बनता है। जागरूकता बढ़ने के बावजूद, लोग आज भी सिगरेट, बीड़ी, गुटखा और खैनी जैसे विभिन्न रूपों में तंबाकू का सेवन करते हैं। वैश्विक स्तर पर तंबाकू से होने वाले बोझ में भारत की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है, जहां हर साल 10 लाख से अधिक मौतें तंबाकू सेवन से जुड़ी होती हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि कई लोग कम उम्र में इसकी शुरुआत कर देते हैं और वर्षों तक इसके दुष्प्रभावों से अनजान रहते हैं, जब तक कि बीमारी स्पष्ट रूप से सामने नहीं आ जाती।
फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल, जयपुर के डॉ. अंकित बंसल, एडिशनल डायरेक्टर – पल्मोनोलॉजी (श्वसन रोग विभाग) ने तंबाकू के जोखिम, शुरुआती चेतावनी संकेत, जांच, उपचार और बचाव के उपायों पर प्रकाश डाला, ताकि लोग सही निर्णय ले सकें।
नजरअंदाज न करें ये जोखिम
तंबाकू शरीर के लगभग सभी अंगों को प्रभावित करता है और निम्नलिखित गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है:
* मुंह, गला, फेफड़े और भोजन नली (इसोफेगस) का कैंसर
* श्वसन संबंधी रोग जैसे सीओपीडी (COPD)
* हृदय रोग और स्ट्रोक
* कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली और घाव भरने में देरी
* प्रजनन संबंधी समस्याएं और गर्भावस्था में जटिलताएं
* बिना धुएं वाला तंबाकू भी उतना ही हानिकारक है और भारत में ओरल कैंसर का प्रमुख कारण है
शुरुआती चेतावनी संकेत
तंबाकू का असर शुरुआत में स्पष्ट नहीं होता, लेकिन इन लक्षणों पर ध्यान देना जरूरी है:
* लगातार खांसी या आवाज बैठना
* सांस फूलना या घरघराहट
* मुंह में छाले या लाल/सफेद धब्बे जो ठीक न हों
* सीने में दर्द या बार-बार संक्रमण
* बिना किसी स्पष्ट कारण के वजन कम होना
तंबाकू से संबंधित बीमारियों की जांच कैसे होती है?
बीमारी का निदान प्रभावित अंग के आधार पर किया जाता है, जिसमें शामिल हैं:
* शारीरिक परीक्षण और तंबाकू सेवन का विस्तृत इतिहास
* एक्स-रे और सीटी स्कैन जैसे इमेजिंग टेस्ट
* रक्त जांच और फेफड़ों की कार्यक्षमता जांच
* कैंसर की आशंका होने पर बायोप्सी
* लंबे समय से तंबाकू सेवन करने वालों के लिए नियमित स्क्रीनिंग अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यह जीवन बचा सकती है
उपचार और तंबाकू छोड़ने में सहायता
तंबाकू छोड़ना, इसके सेवन की अवधि चाहे जितनी भी हो, स्वास्थ्य जोखिम को कम करने का सबसे महत्वपूर्ण कदम है। इसके लिए निम्न उपाय किए जा सकते हैं:
* व्यवहार परिवर्तन और काउंसलिंग
* निकोटीन पैच या च्युइंग गम का उपयोग
* धूम्रपान छोड़ने में सहायक दवाएं
* रोग से संबंधित अन्य समस्याओं का उपचार
* तंबाकू छोड़ने के बाद पुनर्वास प्रक्रिया शुरू होती है
रोकथाम: छोटे कदम, बड़ा असर
* किसी भी रूप में तंबाकू का सेवन शुरू न करें
* समय रहते विशेषज्ञ की मदद लें
* परोक्ष धूम्रपान (सेकेंड-हैंड स्मोक) से बचें
* घर और कार्यस्थल को तंबाकू मुक्त बनाएं
* परिवार के सदस्यों, विशेषकर युवाओं को जागरूक करें
तंबाकू की लत केवल व्यक्तिगत आदत नहीं है, बल्कि यह एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती है, जो परिवार और समाज दोनों को प्रभावित करती है। जितनी जल्दी तंबाकू छोड़ा जाए, उतना ही अधिक स्वास्थ्य लाभ मिलता है। इस विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर स्वस्थ जीवन की दिशा में पहला कदम उठाएं। आज तंबाकू छोड़ने का निर्णय आपके जीवन में वर्षों का इजाफा कर सकता है और उन वर्षों में बेहतर जीवन गुणवत्ता भी जोड़ सकता है।
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