CSR सहयोग से 100 दिव्यांगजनों को मिला नया जीवन, कृत्रिम अंगों से बढ़े आत्मनिर्भरता के कदम

हैदराबाद, 07 अप्रैल 2026

दिव्यांगजनों के पुनर्वास के क्षेत्र में अग्रणी संस्थान नारायण सेवा संस्थान को यश रिसोर्सेज़ रीसाइक्लिंग लिमिटेड हैदराबाद का महत्वपूर्ण CSR सहयोग प्राप्त हुआ है। इस सहयोग के तहत 100 दिव्यांग एवं जरूरतमंद व्यक्तियों को आधुनिक तकनीक से निर्मित कृत्रिम हाथ-पैर निःशुल्क प्रदान किए गए, जिससे उनके जीवन में आत्मनिर्भरता और सम्मान की नई शुरुआत हुई है।

करीब दो माह पूर्व प्रारंभ हुई इस पहल के अंतर्गत सड़क दुर्घटना, ट्रेन दुर्घटना एवं करंट लगने जैसी घटनाओं में अपने अंग गंवा चुके दिव्यांगजनों को संस्थान के हैदराबाद केंद्र पर आमंत्रित कर कृत्रिम अंग लगाए गए। विशेषज्ञों की देखरेख में सभी लाभार्थियों का सफलतापूर्वक फिटमेंट एवं पुनर्वास किया गया, जिससे वे पुनः सामान्य जीवन की ओर लौट सके हैं।

इस पहल से लाभान्वित लोगों में हैदराबाद के तम्मिलि परमेश,, जो दोनों पैरों से दिव्यांग थे, अब कृत्रिम पैरों की सहायता से चलने लगे हैं। वहीं करीमनगर निवासी आकाश, जो दाहिने पैर से दिव्यांग थे, तथा हैदराबाद के टिम्मा रेड्डी, जिनके दाहिने पैर में कृत्रिम अंग लगाया गया, अब आत्मनिर्भर जीवन की ओर अग्रसर हैं। ऐसे ही 100 दिव्यांगजनों के जीवन में इस पहल ने नई आशा और आत्मविश्वास का संचार किया है।

इस अवसर पर संस्थान की निदेशक पलक अग्रवाल ने कहा, “नारायण सेवा संस्थान पिछले 40 वर्षों से दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कार्य कर रहा है। CSR के माध्यम से मिला यह सहयोग न केवल उन्हें चलने-फिरने की क्षमता देता है, बल्कि उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर भी प्रदान करता है। हम अधिक से अधिक कॉरपोरेट संस्थाओं से इस सेवा अभियान से जुड़ने का आह्वान करते हैं, ताकि देशभर में अधिक जरूरतमंदों तक यह सहायता पहुंचाई जा सके।”

संस्थान एवं CSR सहयोगी के इस संयुक्त प्रयास ने दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में एक सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया है।

About Manish Mathur