ओयो 2030 तक भारत में 26 बिलियन डॉलर के अवसर की तलाश में, इक्विटी रिसर्च फर्म बर्नस्टीन का अनुमान

बर्नस्टीन का कहना है कि ओयो 2030 तक भारत में 26 बिलियन डॉलर का अवसर देख रहा है। इसकी वजह यह है कि कंपनी भारत को अपना मुख्य विकास क्षेत्र मानती है, जो इसके राजस्व में 90 प्रतिशत से अधिक का योगदान देता है।

वैश्विक इक्विटी रिसर्च फर्म बर्नस्टीन ने कहा कि ओयो भारत, मलेशिया, इंडोनेशिया और यूरोप जैसे सर्वाेत्तम पैमाने और अर्थशास्त्र वाले बाजारों पर ध्यान केंद्रित करना चाहता है, क्योंकि यही वो देश हैं जिन्होंने कोविड महामारी के दौरान कंपनी को जीवित रहने में मदद की।

रिसर्च फर्म ने एक रिपोर्ट में कहा- छोटी अवधि के लिए होटल में ठहरने से संबंधित बाजार में बढ़ोतरी के व्यापक आसार नजर आ रहे हैं। यह बाजार 2019 में 1,267 बिलियन डॉलर का था, जो बढ़कर 2030 तक 1,907 बिलियन डॉलर का हो सकता है। ओयो 2030 तक भारत में 26 बिलियन डॉलर का अवसर देखता है, क्योंकि यह भारत को अपना मुख्य विकास क्षेत्र मानता है, जो इसके राजस्व में 90 से अधिक योगदान देता है।

बर्नस्टीन के अनुसार, ‘‘वैश्विक यात्रा और पर्यटन उद्योग और छोटी अवधि के लिए होटल में ठहरने के बाजार में ओयो के लिए कई अनुकूल रुझान हैं। बर्नस्टीन के अनुसार, दुनिया समृद्ध हो रही है, प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि हो रही है, और मध्यम वर्ग के बढ़ने का मतलब है यात्रा की मांग में वृद्धि।’’

बर्नस्टीन की रिपोर्ट के अनुसार, ओयो के यूनिट अर्थशास्त्र में योगदान लाभ के साथ सुधार हुआ है, जो वित्त वर्ष 2020 में 5.1 प्रतिशत की तुलना में बढ़कर वित्त वर्ष 21 में 18.4 प्रतिशत हो गया है। स्थिर दरों, कम छूट और न्यूनतम गारंटी के कारण यह संभव हुआ है। वित्त वर्ष 2020 में ओयो के सकल बुकिंग मूल्य में 170 फीसदी की वृद्धि हुई, जिसके कारण रूम में वृद्धि हुई, लेकिन कोविड -19 के कारण रूम के संचालन को बंद करने की वजह से वित्त वर्ष 2021 में 67 प्रतिशत की गिरावट आई। शोध फर्म ने कहा कि पर्याप्त लागत प्रबंधन के साथ सकल मार्जिन 33 प्रतिशत पर स्थिर रहा।

ओयो होटल्स एंड होम्स ने पिछले हफ्ते देश के पूंजी बाजार नियामक के समक्ष अपना मसौदा प्रॉस्पेक्टस दायर किया, जिसका लक्ष्य सार्वजनिक निर्गम के माध्यम से 8,430 करोड़ रुपये (1.2 बिलियन डॉलर) जुटाने का है, क्योंकि यह सार्वजनिक बाजारों का दोहन करने वाले स्थानीय स्टार्टअप की बढ़ती संख्या में शामिल हो गया है। हॉस्पिटैलिटी स्टार्टअप को नए शेयरों के माध्यम से लगभग 7,000 करोड़ रुपये (950 मिलियन डॉलर) जुटाने की उम्मीद है, जबकि शेष राशि सेकंडरी शेयर बिक्री (बिक्री के लिए प्रस्ताव या ओएफएस) के माध्यम से आएगी।

महामारी के कारण वित्त वर्ष 2021 में कंपनी की कुल आय लगभग 70 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,157 करोड़ रुपये रह गई, लेकिन कंपनी ने अपने घाटे में कटौती करने के प्रयासों में भी प्रगति की। इसी अवधि के लिए इसका घाटा एक साल पहले के 13,122 करोड़ रुपये की तुलना में घटकर 3,943 करोड़ रुपये रह गया।

हालांकि, होटल/मकान मालिकों के लिए निवेश पर मजबूत रिटर्न ने स्वतंत्र होटलों के राजस्व की तुलना में 1.5 गुना से 1.9 गुना तक राजस्व बढ़ाने में मदद की, बर्नस्टीन ने कहा।

ओयो के लिए उपभोक्ताओं को हासिल करने का एक मुख्य तरीका मार्केटिंग और प्रचार का रहा है और कंपनी ने वित्त वर्ष 2021 में इस मद में भी कटौती की। इसने वित्त वर्ष 2021 में मार्केटिंग और प्रचार के लिए 542.6 करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि एक साल पहले यह राशि थी 1,879.7 करोड़ रुपये। ओयो ने कहा कि उसने वित्त वर्ष 2021 में अपने कर्मचारी लाभ खर्च को 63 प्रतिशत घटाकर 1,742.1 करोड़ रुपये कर दिया, जो वित्त वर्ष 2020 में 4,765.2 करोड़ रुपये था।

 

ओयो का मजबूत रेवेन्यू रिटेंशन कॉहोर्ट स्पष्ट तौर पर दर्शाता है कि उसने ग्राहकों को अपने साथ जोड़कर रखा है। कंपनी के राजस्व का 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सा रिपीट और ऑर्गेनिक ग्राहकों से आता है। बर्नस्टीन ने कहा कि बुक की गई अवधि के प्रतिशत के रूप में ओयो प्लेटफॉर्म पर जो डिमांड जांची गई है, उसका 90 प्रतिशत हिस्सा भारत से है।

ओयो कंपनी प्रमुख बाजारों में होटलों और घरों से संबंधित महत्वूपर्ण बिंदुओं की दिशा मेें भी काम करती है। कंपनी ऑफ़लाइन से ऑनबोर्डिंग टूल, थर्ड पार्टी डिस्ट्रीब्यूशन और डिमांड, ऑनलाइन राजस्व प्रबंधन, संचालन प्रबंधन और ग्राहक सेवा, सभी को एक ही स्थान पर एकीकृत करने की पेशकश करती है।

कोविड-19 को अलग कर दें, तो इसमें कोई संदेह नहीं है  िकसोशल मीडिया के माध्यम से पर्यटन स्थलों की बढ़ती कनेक्टिविटी और जागरूकता के कारण दुनिया के हर हिस्से में पहुंचना अब अधिक आसान हो गया है। नई पीढ़ी के लोग अधिक यात्रा कर रहे हैं क्योंकि उनमें यात्रा करने की प्रवृत्ति अधिक है, और उनके पास यात्रा के अधिक किफायती विकल्प भी हैं।

शोध फर्म ने कहा कि कोविड-19 के कारण लोग अब घरेलू यात्रा को अधिक प्रमुखता दे रहे हैं, विशेष रूप से वर्क फ्रॉम होम के प्रारूप के साथ। 2019 में विश्व स्तर पर प्रति व्यक्ति नाइट स्टे (सभी कमरों की रातें कुल जनसंख्या से विभाजित ) 1.5 गुना था, जिसके 2025 में 1.67 गुना तक पहुंचने की उम्मीद है। वैश्विक यात्राओं के क्षेत्र में भी विस्तार की उम्मीदें हैं, 2025 में वैश्विक यात्राओं के 16.7 बिलियन डॉलर तक और नाइट स्टे के 13.6 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।

 

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