जीवन प्रत्याैशा में सुधार के साथ, जीवन बीमा को वित्तीहय नियोजन में अवश्य शामिल करें

  • श्री अश्विन बी, चीफ ऑपरेटिंग ऑफीसर, एक्‍साइड लाइफ इंश्‍योरेंस

पिछले दसक में स्‍वास्‍थ्‍य एवं तंदुरुस्‍ती पर लोगों का ध्‍यान काफी बढ़ा है और कोविड-19 महामारी के दौरान जागरूकता और ज्यादा बढ़ी है। एक ओर, इस महामारी ने जिंदगी की अस्थिरता को काफी बढ़ा दिया है, वहीं दूसरी ओर इसने लोगों को अपनी जीवनशैली का दोबारा आकलन करने के लिए प्रोत्‍साहित किया। लोगों ने उन बदलावों पर गौर करना शुरू किया जिन्‍हें एक सेहतमंद जिंदगी जीने के लिए अपनाना जरूरी था। इतना ही नहीं, स्‍वास्‍थ्‍य सेवा के बेहतर होने, सामाजिक-आर्थिक विकास और दवाओं में वैज्ञानिक प्रगति की बदौलत, हमारी जीवन प्रत्‍याशा में सुधार जारी रहेगा।

भारत में समग्र बीमा की पहुँच 2020-21 में 2.71 प्रतिशत से बढ़कर 4.20 प्रतिशत हो गई है। इसी अवधि के दौरान जीवन बीमा की पहुँच 2.15 प्रतिशत से बढ़कर 3.2 प्रतिशत रही। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के मुताबिक, दुनियाभर में जीवन प्रत्‍याशा (लाइफ एक्‍सपेक्‍टेंसी) में 2000-2019 के बीच 6 से अधिक साल की वृद्धि हुई है। 2000 में यह 66.8 साल थी जबकि 2019 में यह 73.4 साल पर आ गई है। 25 से 35 साल की आयु समूह के 45 प्रतिशत मिलेनियल्‍स टर्म बीमा के बारे में जानते हैं लेकिन सिर्फ 17 प्रतिशत ने ही ऐसी पॉलिसी खरीदी हैं। हालाँकि, 60 प्रतिशत मिलेनियल्‍स सेवानिवृत्ति योजनाओं को खरीदने के इच्‍छुक हैं। चूँकि, लंबा जीवन एक सकारात्‍मक संकेत है और इसका मतलब है कि हममें से ज्‍यादातर लोग संभवत: एक स्‍वस्‍थ एवं लंबी जिंदगी जिएंगे, ऐसे में हमें बेहतर वित्‍तीय नियोजन की आवश्‍यकता होगी ताकि हम एक अच्‍छी जीवनशैली बरकरार रख सकें और साथ ही किसी भी अप्रत्‍याशित घटना के विरुद्ध खुद को एवं अपने परिवार को सुरक्षित रख सकें।

इस प्रकार सभी लोगों को अपने-अपने लिए संपूर्ण वित्‍तीय योजना तैयार करना महत्‍वपूर्ण है जिसमें दीर्घ-कालिक बचत और सुरक्षा शामिल हो। इसके लिए आपको टर्म पॉलिसीज, एंडोमेंट योजनाओं, सेवानिवृत्ति योजनाओं आदि को शामिल करने की जरूरत होगी। दिलचस्‍प बात यह है कि जीवन बीमा को लेकर लोगों की धारणा में काफी बदलाव आया है पर हममें से अधिकतर लोग अभी भी बीमित नहीं हैं या फिर कम बीमित (अंडरइंश्‍योर्ड) हैं। 2011 में, जीवन बीमा की पहुँच केवल 3.4 प्रतिशत थी और 2014 में यह गिरकर दसक के सबसे निचले स्‍तर, 2.62 प्रतिशत पर पहुँच गई थी। आर्थिक सर्वेक्षण 2021-22 के अनुसार, भारत में जीवन बीमा की पहुँच 2019 के 2.82 प्रतिशत से बढ़कर 2020 में 3.20 प्रतिशत थी।

बीमा कंपनियाँ उत्‍पादों को विशिष्‍ट रूप से निर्मित कर पेश कर रही हैं जोकि ग्राहकों की लगातार बदलती जरूरतों के अनुकूल हों। मसलन, सबसे पहले यूलिप को फंड्स का प्रबंधन करने और लाइफ कवर के साथ निधि निर्माण की पेशकश करने के लिए प्रदान की जाने वाली लोच के लिए काफी लोकप्रियता मिली है। इसके बाद, गारंटीड बीमा उत्‍पाद काफी मशहूर हुए क्‍योंकि इनके द्वारा लाइफ कवर के अलावा दीर्घकालिक गारंटीड रिटर्न प्रदान किए जाते हैं। बीमा कंपनियाँ लोगों की वित्‍तीय क्षमता और जिंदगी के लक्ष्‍यों पर भी फोकस कर रही हैं और आज जब बाजार में उत्‍पादों की व्‍यापक श्रृंखला मौजूद है, ऐसे में एक उत्‍पाद ऐसा है जो सभी के लिए उपयुक्‍त है।

एक्‍साइड लाइफ की नई पेश की गई योजना ‘स्‍मार्ट इनकम प्‍लान’ एक शानदार उत्‍पाद है। इसके द्वारा खरीदारी के समय ग्राहकों के लिए अनुकूल दो सर्वाइवल बेनेफिट के विकल्‍प – एन्‍हैंस्‍ड मैच्‍युरिटी एवं एन्‍हैंस्‍ड इनकम पेश किए जाते हैं। यह विशेषता पॉलिसीधारक को वित्‍तीय जरूरतों के मुताबिक इनकम पे-आउट की अवधि के दौरान सर्वाइवल बेनेफिट पाने का विकल्‍प चुनने में सशक्‍त बनाती है।

आज के जमाने के लोगों की गतिशील एवं लगातार बदलती पसंदों एवं जीवनशैली को ध्‍यान में रखते हुए, युवावस्‍था में ही जीवन बीमा लेने की सलाह दी जाती है ताकि बीमित व्‍यक्ति को कम प्रीमियम पर ज्‍यादा से ज्‍यादा लाभ मिल सकें। लोगों को सही योजना चुनने के लिए तीन प्रमुख घटकों पर अवश्‍य गौर करना चाहिए – किस देयता के लिए प्रावधान की जरूरत है, जिंदगी के महत्‍वपूर्ण लक्ष्‍य क्‍या हैं जिन्‍हें हासिल करना है और कितने जीवन बीमा की आवश्‍यकता है। इससे आश्रितों के लिए आर्थिक रूप से आरामदायक जिंदगी सुनिश्चित होगी जोकि बच्‍चों की पढ़ाई एवं शादी, लंबे समय से योजना में शामिल अपने सपनों का घर खरीदने या फिर सेवानिवृत्ति के बाद एक सुकून भरी जिंदगी जीने के लिए पूंजी खड़ी करने जैसी उनकी योजनाओं के अनुरूप होगी।

एक सही जीवन बीमा योजना न सिर्फ मजबूत वित्‍तीय नियोजन की नींव खड़ी करती है बल्कि आपके प्रियजनों के लिए हमेशा साथ होने का वादा भी पूरा करती है। इससे आपको सुकून की नींद आएगी और आपको किसी भी अप्रत्‍याशित घटना की दखलदांजी के बगैर अपनी जिंदगी के बड़े लक्ष्‍यों को पूरा करने में मदद मिलेगी। इन घटनाओं में अचानक मौत होना, मेडिकल बिलों पर भारी-भरकम खर्च या फिर कोविड-19 के प्रकोप जैसी किसी असाधारण महामारी का आना शामिल है जिसने हमारे जिंदगी को अनिश्चितताओं से भर दिया है।

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