भारतीय डिजिटल न्यूज़ ट्रेंड्स पर The News Strike की हालिया रिपोर्ट में सामने आया है,जम्मू-कश्मीर की विधायक देवयानी देवेंद्र सिंह राणा ने फायरसाइड चैट के दौरान कहा कि यूथ को सिर्फ वोटर नहीं, बल्कि डिसीजन मेकर बनने की दिशा में आगे बढ़ना होगा। उन्होंने जेनरेशनल ट्रांजिशन, पॉलिटिकल रिस्पॉन्सिबिलिटी और स्टेट पॉलिटिक्स में यूथ रिप्रेजेंटेशन पर भी विस्तार से बात की। वहीं त्रिपुरा के विधायक पॉल डांगशु ने नॉर्थ-ईस्ट रीजन में उभरते यूथ लीडरशिप मॉडल पर अपने विचार रखे।
मारवाड़ी यूनिवर्सिटी के ट्रस्टी जीत मारवाड़ी ने कहा, “आज युवा डिजिटल स्पेस, कैंपस एक्टिविज्म और ग्रासरूट प्रोटेस्ट्स में बेहद सक्रिय हैं, लेकिन औपचारिक लेजिस्लेटिव बॉडीज़ में उनकी भागीदारी अब भी सीमित है। इस दो दिवसीय आयोजन में युवा भागीदारी को बाधित करने वाली स्ट्रक्चरल बैरियर्स की पहचान की गई। साथ ही एडमिनिस्ट्रेटिव और टेक्नोलॉजिकल रिफॉर्म्स की आवश्यकता, लोकल गवर्नेंस को परिवर्तन के केंद्र के रूप में मजबूत करने और सीमाओं से परे युवा राजनीति के बढ़ते इंटरकनेक्शन पर गंभीर चर्चा हुई। हमारा उद्देश्य केवल प्रतीकात्मक संवाद तक सीमित न रहकर स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स पर फोकस करना है।”
सम्मेलन में ‘क्राइसिस ऑफ रिप्रेजेंटेशन एंड सिस्टमिक बैरियर्स’, ‘सिविक एजुकेशन एंड पॉलिटिकल सोशलाइजेशन’, ‘मार्जिनलाइज्ड वॉइसेज़: ट्राइबल गवर्नेंस एंड वुमन इन पॉलिटिक्स’, ‘डिजिटल पॉलिटिक्स, स्ट्रैटेजी एंड इंटरनेशनल एक्टिविज्म’, ‘ग्लोबल डेमोग्राफिक्स, क्लाइमेट एंड पॉलिसी इनोवेशंस’ तथा ‘फ्यूचर आउटलुक: सफरेज एंड पोस्ट-प्रोटेस्ट एक्शंस’ जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन और सार्थक विचार-विमर्श हुआ।
कोनराड-एडेनावर-श्टिफ्टुंग इंडिया और सेंटर फॉर यूथ पॉलिसी के सहयोग से आयोजित इस कॉन्फ्रेंस में स्कॉलर्स, पॉलिसीमेकर्स, एडमिनिस्ट्रेटर्स, स्टूडेंट लीडर्स और इंटरनेशनल एक्सपर्ट्स ने भाग लिया। सभी ने डेमोक्रेटिक सिस्टम में युवाओं की भागीदारी के भविष्य पर गंभीर मंथन करते हुए इसे और अधिक प्रभावी व सशक्त बनाने की दिशा में सुझाव साझा किए।
पत्रिका जगत Positive Journalism